अब नालागढ़ को नहीं सताएंगे लावारिस पशु

नालागढ़ – नालागढ़ शहर की सड़क पर घूमने वाले लावारिस पशुओं को अब, जहां उचित ठिकाना मिलेगा, वहीं लोगों को भी दिन-प्रतिदिन पशुओं से पेश होने वाली परेशानियों से भी निजात मिलेगी। नगर परिषद नालागढ़ तीन बीघा भूमि पर गोशाला का निर्माण कर रही है, जिसके लिए चयनित किए गए स्थल की पहाड़ी को समतल बना दिया गया है, वहीं चारदीवारी का निर्माण कर दिया गया है। बीबीएनडीए के सहयोग से पांच लाख रुपए की लागत से बनने वाली इस गोशाला के शैड निर्माण के टेंडर हो चुके हैं और जल्द ही यहां शैड व अन्य काम पूरा करके इस गोशाला का संचालन शुरू हो जाएगा। नगर परिषद नालागढ़-रोपड़ मार्ग पर एचआरटीसी वर्कशॉप के पीछे इस गोशाला का निर्माण कर रही है, जिससे नालागढ़ शहर में घूमने वाले गोवंश को बढि़या शरणस्थली मुहैया होगी और इन पशुओं को शहर से दूर करके एक गोशाला में रखा जाएगा। जानकारी के अनुसार जनवरी, 2017 में इस गोसदन निर्माण की विधिवत आधारशिला रखी गई और नगर परिषद ने चयनित स्थल को समतल करने का कार्य शुरू किया। इस जगह को पूरी तरह से समतल बना दिया गया है, वहीं चारदीवारी का निर्माण कर लिया गया है। परिषद के अनुसार इस जगह पर पानी के लिए बोर, कमरे का निर्माण, श्मशानघाट की तरफ को डंगा निर्माण, लोरिंग, लैंड एस्केप आदि का काम करके इसे छह महीने के अंदर सुचारू रूप से मुकम्मल बनाया जाएगा, जहां गोवंश सुगमता से रह सके और उन्हें हर प्रकार की सुविधा मुहैया हो सके। बता दें कि उपमंडल प्रशासन की पहल पर माननीय उच्च न्यायालय के आदेशानुसार नालागढ़ शहर से 63 पशुओं को गोशालाओं में छोड़ा जा चुका है, लेकिन बावजूद इसके शहर में गोवंश घूम रहा है और पशुओं की संख्या कम न होने के कारण प्रतिदिन लोगों को इनसे दो-चार होना पड़ता है। शहर में आवारा पशुओं के कारण लोगों को भारी परेशानियां झेलनी पड़ती हैं और इनके आतंक से लोगों की संपत्ति को नुकसान पहुंचा है, वहीं पशुओं की लड़ाई में भी कई लोग घायल हो चुके हैं। एसडीएम एवं नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी प्रशांत देष्टा ने कहा कि परिषद के गोसदन के निर्माण कार्य जोरों पर चले हुए हैं, जगह समतल करके चारदीवारी का निर्माण कर लिया है, जबकि अन्य कार्य जल्द पूरे कर दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि शैड निर्माण के टेंडर कर दिए गए हैं और छह माह के अंदर इस संचालन भी शुरू कर दिया जाएगा।

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