अब पांच दिन के भीतर करें मीटिंग

विद्युत बोर्ड तकनीकी कर्मियों की बोर्ड प्रबंधन को दोटूक

शिमला — राज्य विद्युत परिषद तकनीकी कर्मचारी संघ के पदाधिकारी सर्विस कमेटी की बैठक स्थगित होने से  खफा हैं। संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि सर्विस कमेटी की गुरुवार को आयोजित होने वाली इस बैठक में तकनीकी कर्मचारियों के मुद्दों पर कई निर्णय लिए जाने थे। इसलिए बैठक स्थगित होने के कारण सभी तकनीकी कर्मचारियों में रोष है। संघ के पदाधिकारियों ने बोर्ड प्रबंधन को सर्विस कमेटी की बैठक करने के लिए पांच दिन का समय दिया है, अन्यथा तकनीकी कर्मचारी एक दिन के सांकेतिक धरने के लिए मजबूर होंगे। संघ के प्रदेश प्रधान मोहन ठाकुर ने सर्विस कमेटी की बैठक स्थगित होने पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि पिछले छह महीने से सर्विस कमेटी की बैठक का न होना इस बात को साफ करता है कि बोर्ड प्रबंधन वर्ग को कर्मचारियों के प्रति कोई भी सहानुभूति नहीं है। तकनीकी कर्मचारियों के मुद्दों पर इस बैठक में निर्णय होने थे, जिसमें आठ मई को मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा, जिसमें लाइनमैन से फोरमैन के लिए समय अवधि सात से पांच वर्ष करना, मोबाइल अलाउंसेस, जूनियर टी-मेट से एएलएम के लिए समय अवधि को कम करना, एसएसए की 115 पोस्ट के लिए प्रक्रिया आरंभ करना जैसे महत्त्वपूर्ण विषय शामिल थे। पिछले चार महीनों से मुख्यमंत्री की घोषणा को अमलीजामा न पहनाना दुर्भाग्यपूर्ण है। इसलिए कर्मियों को सर्विस कमेटी की बैठक से तकनीकी कर्मचारियों में बड़ी आस थी। प्रदेशाध्यक्ष ने बताया कि पांच दिनों के भीतर अगर यह बैठक आयोजित नहीं की गई तो विरोध स्वरूप तकनीकी कर्मचारी संघ का वरिष्ठ नेतृत्व एक दिन का सांकेतिक धरना देगा व इस बात का बड़ा विरोध करेगा कि एक अधिकारी के छुट्टी पर जाने से बेवजह बैठक स्थगित न हो। इस संबंध में बोर्ड प्रबंधक वर्ग को भी सूचना दी जा रही है। बुधवार को प्रदेशाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री से भेंट की थी और मुख्यमंत्री ने भी आश्वासन दिया था कि गुरुवार होने वाली सर्विस कमेटी से तकनीकी कर्मचारियों के सभी मुद्दों को हल किया जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हो सका।

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