अर्थव्यवस्था को पटरी पर लौटने में लगेगा वक्त

रोजमर्रा की चीजें; राशन व अन्य सामान की आपूर्ति न होने से प्रदेश को भारी नुकसान

पालमपुर— आल इंडिया ट्रक आपरेटर यूनियन द्वारा की गई देशव्यापी हड़ताल के कारण हिमाचल का आर्थिक ढांचा बिगड़ गया है। प्रदेश व्यापार मंडल के अध्यक्ष सुमेश कुमार ने कहा कि अधिकतर वस्तुओं का बहुत कम उत्पादन होता है तथा ज्यादातर वस्तुओं की आपूर्ति दूसरे राज्यों से की जाती है, लेकिन इन राज्यों से गाडि़यों की आवाजाही बंद होने से हिमाचल में रोजमर्रा तथा अन्य राशन व पशुचारे की कमी होनी शुरू हो गई थी। पहले तो सब्जियों की गाडि़यां अपनी मंजिल तक पहुंच रही थीं, लेकिन अब कुछ शरारती तत्वों द्वारा इन गाडि़यों को रोककर चालकों को तंग किया जा रहा है। गाडि़यां लेट छोड़ने के कारण सब्जियां सुबह समय पर नहीं  पहुंच रही थीं, जिस कारण उनकी बिक्री प्रभावित हो गई थी। इसके अलावा डमटाल में व्यापार मंडल प्रतिनिधियों का कहना है कि डमटाल को किराना मंडी कहा जाता है, लेकिन बाहरी राज्यों से सामान न  आने के कारण अब वहां पर चीजों की भारी कमी महसूस होने लगी थी। डमटाल से जहां से पूरा राशन चंबा और कांगड़ा को सप्लाई होता है, वहां पर भी चीजों की भारी कमी महसूस होने लग गई थी। हर जगह व्यापारियों का यही कहना है कि अगर हड़ताल चार-पांच दिन और चलती तो हर वस्तु के दाम दोगुने हो जाते। जिला मार्केटिंग बोर्ड के सदस्य विकास वासुदेवा ने बताया कि पालमपुर सब्जी मंडी की गाडि़यां गुरुवार को शरारती तत्वों द्वारा गगरेट में रोक ली गई थीं, जिन्हें लेट छोड़ा गया। इस वजह से उन्हें भारी नुकसान उठाना पड़ा। मारंडा  व्यापार मंडल  से  सौरभ सूद  ठाकुरद्वारा से विकास सूद व पवनेश का कहना है कि अगर यह स्ट्राइक नहीं खोली गई तो दुकानदारों को दुकानें बंद करने पर मजबूर होना पड़ेगा।

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