अर्द्धसैनिकों के परिजनों को नौकरी

ऊना —मातृ भूमि की रक्षा करते हुए शहीद होने वाले सेना के जवानों के साथ-साथ पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों के परिजनों को भी प्रदेश सरकार ने सरकारी नौकरी प्रदान करने का अहम निर्णय लिया है। यह बात ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर ने गुरुवार को ऊना मुख्यालय पर जिला प्रशासन, हिमाचल प्रदेश पूर्व सैनिक सेवा परिषद, पूर्व सैनिक लीग, पूर्व नौसेवा व वायु सेना संगठन द्वारा कारगिल विजय दिवस के अवसर पर संयुक्त रूप से आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में बतौर मुख्यातिथि अपने संबोधन में कही। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने हर साल कारगिल विजय दिवस को सरकारी स्तर पर भी मनाने का एक अहम फैसला लिया है। वीरेंद्र कंवर ने कहा कि वीर सैनिक अपनी जान तक न्यौछावर कर देश की एकता,अखंडता व अस्मिता को सुरक्षित रखते है। देश की सुरक्षा के लिए शहादत का जाम पीने वाले ऐसे वीर सैनिकों की याद में जगह-जगह स्मारक बने तथा इनको पूरा मान सम्मान देने के लिए भाजपा एवं अन्य सबद्ध संगठनों ने एक ईंट शहीद के नाम कार्यक्रम शुरू किया है। इस तरह के शहीद स्मारक जहां वीर सैनिकों के प्रति समाज की एक सच्ची श्रद्धांजलि है तो वहीं समाज को देश के प्रति समर्पण व त्याग की भावना के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित भी करते हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त ऊना राकेश कुमार प्रजापति ने कहा कि जिला में प्रशासन द्वारा सेवारत व पूर्व सैनिकों की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाता है। जो भी सैनिक व पूर्व सैनिक अपनी समस्या को लेकर उनसे मिलने आता है उनकी समस्याओं को न केवल सुना जाता है बल्कि यथासंभव हल भी किया जाता है।  हिमाचल प्रदेश पूर्व सैनिक सेवा परिषद के प्रदेशाध्यक्ष यशपाल ठाकुर ने मुख्यातिथि का स्वागत किया तथा कारगिल युद्ध के इतिहास पर प्रकाश डाला। पूर्व सैनिक लीग के अध्यक्ष कैप्टन शक्ति चंद ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर हिमोत्कर्ष कन्या महाविद्यालय की छात्राओं व अध्यापकों ने देश भक्ति से ओत-प्रोत गीत भी प्रस्तुत किए। वहीं उपायुक्त राकेश कुमार प्रजापति ने कहा कि वह स्वयं भी एक सैनिक के बेटे हैं तथा सैनिकों के परिवारों को युद्ध जैसी स्थिति में किन-किन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है,उस बारे वे भलीभांति परिचित हैं। उपायुक्त ने उपस्थित लोगों को कारगिल विजयी दिवस के अवसर पर प्रतिज्ञा की शपथ भी दिलाई।

ये सैनिक परिवार हुए सम्मानित

कार्यक्रम में कारगिल युद्ध में अदम्य साहस का परिचय दिखाने पर तीन सैनिक परिवारों को सम्मानित किया गया,जबकि 1948 से लेकर अभी तक विभिन्न युद्धों में शहीद होने वाले आठ सैनिकों के परिजनों को भी शाल, टोपी व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कारगिल युद्व में शहीद कैप्टन अमोल कालिया के पिता सतपाल कालिया, शहीद सिपाही मनोहर लाल के भाई यशपाल सिंह तथा वीरचक्र से सम्मानित हवलदार वेद प्रकाश को ग्रामीण विकास एवं  पंचायती राज मंत्री विरेंद्र कंवर ने सम्मानित किया। वीरेंद्र कंवर ने शहीद ग्रिनेडियर देश राज, हवलदार देश राज, नायब सूबेदार प्रवीण सिंह, दर्शन सिंह, दफेदार दिवान सिंह, लांस नायक गुरवचन सिंह तथा सुखराम के परिजनों को भी शाल, टोपी व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।

इन्होंने दी श्रद्धांजलि

कैबिनेट मंत्री वीरेंद्र कंवर, उपायुक्त राकेश कुमार प्रजापति, पुलिस अधीक्षक दिवाकर शर्मा,हिमाचल प्रदेश पूर्व सैनिक सेवा परिषद़ के प्रदेशाध्यक्ष यशपाल ठाकुर, सैनिक वेलफेयर बोर्ड के उपाध्यक्ष मेजर रघुवीर सिंह,एक्स सर्विस मेन लीग के अध्यक्ष कै.शक्तिचंद,कर्नल सतदेव,ओपी शर्मा,हरीश चंद्र,बलदेव डोगरा सहित पूर्व सैनिकों ने शहीद स्मारक पर रीत अर्पित कर वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि दी।

ये गणमान्य रहे उपस्थित

कार्यक्रम में उपायुक्त राकेश कुमार प्रजापति,एसपी दिवाकर शर्मा, एसडीएम विनय मोदी, सहायक आयुक्त एसके पाराशर, उपनिदेशक सैनिक कल्याण मेजर रघुबीर सिंह, शहीद कैप्टन अमोल कालिया के पिता सतपाल कालिया, वीर चक्र विजेता वेद प्रकाश,हिमाचल प्रदेश पूर्व सैनिक सेवा परिषद के अध्यक्ष ठाकुर यशपाल, पूर्व सैनिक लीग के अध्यक्ष कैप्टन शक्ति चंद, हिमोत्कर्ष संस्था के प्रदेशाध्यक्ष कंवर हरि सिंह, ओपी शर्मा, हरीश शर्मा, बलदेव डोगरा, जिला भाजपा महामंत्री यशपाल राणा,प्रेस क्लब महासचिव जतिंद्र कंवर,तरसेम लाल, डा.एसके चावला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा अन्य गण्यमान्य लोग उपस्थित थे।

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