आठ रूटों पर थमी गाडि़यों की रफ्तार

कुल्लू – जिला कुल्लू में सरकार की पोल बरसात ने जमीनी स्तर पर खोल दी है। कच्ची सड़कों पर चलने वाली बसों के पहिए थम गए हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की जनता परेशान होती जा रही है, लेकिन इसका समाधान नहीं हो पा रहा है। पिछले दो-तीन दिन से जिला कुल्लू में हो रही भारी बारिश से ग्रामीण क्षेत्रों के एक दर्जन के आसपास बस रूट प्रभावित हो गए हैं। जिला की कई कच्ची सड़कों पर सरकार ने बस तो चलाई है, लेकिन बस चलाने से पहले सरकार और लोक निर्माण विभाग सड़क पक्का नहीं कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की दिक्कतें बरसात ने बढ़ा दी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र-छात्राएं कई किलोमीटर दूर पैदल चलकर पक्की सड़कों तक बारिश के बीच पहुंच रहे हैं। बीते दो दिन में भारी कठिनाइयों के बीच से स्कूल, कालेज के छात्र-छात्राओं समेत बाजार आने वाले लोग तथा नौकरीपेशा लोग कच्ची सड़कों से होकर पैदल आवाजाही कर रहे हैं। भारी बारिश से सड़कों की हालत इतनी खस्ता बन गई है कि लोगों को पैदल चलना मुश्किल हो गया है। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों के लोग लोक निर्माण विभाग से बरसात से पहले सड़कों को पक्की करने की गुहार लगाते रहे, लेकिन लोक निर्माण विभाग ने ग्रामीणों की मांगों को अनदेखा किया। अब सड़कों के डंगे कई जगह से धंस जाने से लोक निर्माण विभाग को भी नुकसान हुआ है, लेकिन मौसम साफ होने के बाद लोक निर्माण विभाग लीपापोती कर ही सड़कों की दुरुस्त करेगा। ऐसे में ग्रामीणों ने अब विभाग से मांग की है कि मौसम ठीक होते ही सभी सड़कों की मरम्मत कर टायरिंग की जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए बरसात के दौरान भी बस सेवा जारी रहे। बता दें कि बीते दो दिन से जिला कुल्लू के आठ से अधिक बस रूट भारी बारिश के चलते प्रभावित हो गए हैं, जिससे हिमाचल पथ परिवहन निगम की बस सेवा भी पूरी तरह से ठप हो गई है। निगम प्रबंधन की जानकारी के मुताबिक कुल्लू-माशनाथाच, कुल्लू-शांगचण, कुल्लू-रूमसू, बंजार-शर्ची, बंजार-पेखली, कुल्लू-शांघड़-रोपा, कुल्लू-मलाणा के साथ-साथ एनएच-305 पर कोटनाला सड़क पर मलबा आने से सेवाएं बंद हो गई हैं। हैरानी की बात यह है कि उक्त कई बस रूट कच्ची सड़कें होने के कारण प्रभावित हो गए हैं। सड़क पर खतरा होने के चलते निगम प्रबंधन ने बस रूट बंद कर दिए हैं। कच्ची सड़कों पर लोगों का पैदल चलना मुश्किल हो गया है, वाहन चलना तो दूर की बात है। सरकार और लोक निर्माण विभाग ने कच्ची सड़कों को पासकर बस सेवा को चालू कर दिया है। यह ग्रामीण क्षेत्रों की जनता की जिंदगी के साथ भी सीधा खिलवाड़ है। जब अचानक बारिश होती है तो बस चालकों को जान जोखिम भी डालकर बस को पक्की सड़क तक पहुंचानी पड़ती है या वहीं पर बस को खड़ा कर देना पड़ता है। बस रूट प्रभावित होने से हिमाचल पथ परिवहन निगम को भी घाटा पड़ रहा है। उधर, हिमाचल पथ परिवहन निगम के क्षेत्रीय प्रबंधक डीके नारंग ने बताया कि बारिश से सड़कें क्षतिग्रस्त होने पर बस रूट प्रभावित हुए हैं।

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