आर्मी से मिलकर बनेगा गगल एयरपोर्ट

एयरफोर्स पीछे हटी, विस्तार के लिए सेना को चाहिए 147 एकड़ जमीन

धर्मशाला— कांगड़ा एयरपोर्ट के विस्तारीकरण और यहां एयरवेस बनाने से एयरफोर्स ने कदम पीछे खींच लिए हैं, लेकिन आर्मी सिविल एविएशन के तहत यहां एयरपोर्ट बनाने की तैयारी में है। सेना को करीब 150 एकड़ भूमि चाहिए, जिसके लिए प्रशासन हवाई अड्डे के आसपास उनकी मांग अनुसार भूमि पूरी करने की प्रक्रिया को पूरा कर रहा है। अब गगल हवाई अड्डा चंडीगढ़ की तर्ज पर बनेगा। जहां सेना व सिविल दोनों तरह की फ्लाइट्स आएंगी और जाएंगी। सेना की भागीदारी से कागड़ा एयरपोर्ट के जल्द निर्माण की संभावनाएं बढ़ गई है। कांगड़ा एयरपोर्ट के वायुसेना द्वारा अधिग्रहण करने व एयरवेस बनाने की संभावनाओं पर फिलहाल विराम लग गया है। इससे गगल व आसपास के करीब आधा दर्जन से अधिक गांवों के लोगों के विस्थापन का डर भी दूर हो गया है। अब प्रशासन को सेना की मांग पर करीब 147 एकड़ भूमि ही मुहैया करवानी है। वायुसेना के पीछे हटने और आर्मी के आगे आने से वर्षों से विस्तारीकरण की बाट जोह रहे कांगड़ा हवाई अड्डे के विस्तारीकरण की एक बार फिर उम्मीद जगी है। लंबे समय से लटकी इस महत्त्वाकांक्षी परियोजना के शीघ्र पूरा होने की उम्मीद है। प्रदेश सरकार के आदेशों पर जिला प्रशासन ने इसके लिए संयुक्त टीम बनाकर एयरपोर्ट व इसके आसपास के एरिया से संबंधित अधिकारियों को अपने अपने क्षेत्र में सेना की मांग अनुसार भूमि मुहैया करवाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन ने इस बार कांगड़ा, धर्मशाला और शाहपुर तीनों क्षेत्रों के उपमंडल अधिकारियों को जल्द इसके लिए आवश्यकता के हिसाब से जमीन संबंधी रिपोर्ट तैयार करने को कहा है। प्रदेश सरकार ने भी गंभीरता दिखाते हुए सिविल एविएशन के तहत हवाई अड्डे के निर्माण को भूमि अधिग्रहण शुरू करने की योजना पर काम करने का प्लान किया है।

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