आवाज के बादशाह हैं सोनू

सोनू निगम भारतीय पार्श्व गायक जो कि मुख्यतः हिंदी और कन्नड़ फिल्मों में गाने गाते हैं। उन्होंने कई अन्य भाषाओं में भी गाने गाए हैं जिनमें मणिपुरी, गढ़वाली, उडि़या, तमिल, असामीज, पंजाबी, बंगाली, मलयालम, मराठी, तेलुगु और नेपाली शामिल हैं। उनके भारतीय पॉप एलबम भी रिलीज हुए हैं और उन्हें कुछ फिल्मों में अभिनेता के तौर पर भी काम किया है। वह पुरुषों में उदित नारायण के बाद ऐसे गायक रहे हैं ,जिन्होंने सबसे लंबे वक्त तक हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में राज किया है। उनकी आवाज का जादू कुछ ऐसा है कि इसने पूरे देश में उनकी गायकी का लोहा माना और वह हर वर्ग के लोगों की पसंद बन गए।

सोनू का जन्म एक कायस्थ परिवार में फरीदाबाद में हुआ था। उन्होंने अपनी गायकी का करियर 4 साल की उम्र में ही शुरू कर दिया था। जब उन्होंने एक स्टेज पर आकर अपने पिता अगम निगम के साथ मोहम्मद रफी के गाने ‘क्या हुआ तेरा वादा’ गाने को गाना शुरू कर दिया। उसके बाद से वह अपने पिता के साथ शादियों और पार्टियों में गाने लगे। 19 साल की उम्र में वह गायकी को अपना करियर बनाने के लिए अपने पिता के साथ मुंबई आ गए। उन्होंने हिंदोस्तानी क्लासिकल गायक उस्ताद गुलाम मुस्तफा खान से प्रशिक्षण लिया।

शादी

उनकी शादी 15 फरवरी 2002 में मधुरिमा से हुई थी जो कि बंगाली परिवार से हैं। उनका एक लड़का भी है जिसका नाम निवान निगम है।

करियर

पार्श्व गायक के रूप में

करियर के शुरुआती दिनों में मुंबई में उन्होंने काफी संघर्ष किया। बाद में टी सीरीज के प्रामोटर गुलशन कुमार ने उन्हें बड़ी आडियंस तक पहुंचने का उन्हें मौका दिया। प्लेबैक सिंगर के तौर पर उनका पहला फिल्मी गाना जानम फिल्म कें लिए था जो कि आधिकारिक तौर पर रिलीज ही नहीं हुई। फिर वह रेडियो कामर्शियल्स बनाने लगे और उसमें से कुछ में उन्होंने अभिनय भी किया।

1995 में वह पॉपुलर टीवी शो सा रे गा मा पा होस्ट करने लगे। इसके बाद, उन्होंने फिल्म बेवफा सनम का गाना ‘अच्छा सिला दिया’ गाया। उन्होंने फिल्म बॉर्डर में अनु मलिक द्वारा कंपोज किए गए सांग ‘संदेसे आते हैं’ को भी गाया जो कि काफी हिट हुआ और लोगों की जुबान पर चढ़ गया। वहीं, फिल्म परदेस में ‘ये दिल’गाने ने भी लोगों का दिल जीता।

1999 में टी सीरीज ने निगम का एलबम दीवाना रिलीज किया, इसका संगीत साजिद वाजिद ने दिया था। सोनू ने हिंदी की कई अन्य फिल्मों में भी गाने गाए और कई पुरस्कार जीते। उन्हें फिल्म ‘कल हो न हो’ के टाइटल सांग और फिल्म अग्निपथ के गाने ‘अभी मुझमें कही’ के लिए काफी सराहना मिली। उन्होंने रोमांटिक, रॉक, सैड, देशभक्ति जैसी हर तरह की शैलियों के गाने गाए हैं।

कंपोजर के तौर पर

निगम ने सोलो कंपोजर के तौर पर फिल्म सिंह साहब दि ग्रेट का टाइटल सांग कंपोज किया। उन्होंने फिल्म सुपर से ऊपर और जल के भी संगीत को कंपोज किया है।

टेलीविजन पर भी दर्ज कराई उपस्थिति

वह मशहूर टेलीविजन शो सा रे गा मा पा के होस्ट रहे हैं।  उन्होंने 2002 में स्टार प्लस के टीवी शो किसमें कितना है दम को भी होस्ट किया है। निगम इंडियन आइडल के जज के भी रूप में अपना काम करते दिखाई दिए। वहीं, वह अमूल स्टार वॉयस ऑफ  इंडिया में सेलिब्रिटी जज के रूप में दिखाई दिए। वह राहत नुसरत फतेह अली खान के साथ छोटे उस्ताद-दो देशों की एक आवाज में भी जज के तौर पर दिखाई दिए। संजय लीला भंसाली और श्रेया घोषाल के साथ सोनी पर प्रसारित हुए शो एक्स फैक्टर के भी जज रहे हैं। अभिनय में भी आजमाया हाथ पर यहां ज्यादा सफल नहीं हुए निगम का अभिनय करियर बाल कलाकार के तौर पर फिल्म बेताब से शुरू हुआ। बाद में वह जॉनी दुश्मन एक अनोखी कहानी, काश आप हमारे होते और लव इन नेपाल जैसी फिल्मों में दिखे। इन सभी फिल्मों को ठीक-ठाक ही रेस्पांस मिला।

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