इस महीने कोई कर्ज नहीं लेगी सरकार

बेहतर राजस्व रिकवरी और केंद्र सरकार की मदद से दो साल बाद बेहतर स्थिति में हिमाचल

शिमला— कर्ज में डूबी हिमाचल सरकार इस माह उधारी के चंगुल से मुक्त हो गई है। राज्य सरकार जुलाई माह में बिना कर्ज उठाए निर्वहन करेगी। दो साल बाद हिमाचल सरकार इस स्थिति में पहुंची है। राजस्व रिकवरी में बेहतर परिणाम देने और केंद्रीय सहायता के कारण हिमाचल सरकार के लिए लंबे समय बाद अच्छे दिन लौट कर आए हैं।  हिमाचल सरकार के ऊपर 46.45 हजार करोड़ का कर्ज बोझ है। सरकार ने अप्रैल से लेकर अब तक 1585 करोड़ कुल कर्जा लिया है। इस समयावधि में 225 करोड़ कर्ज लौटाया भी है। इसके चलते शुरूआती चार महीनों में नेट कर्ज की राशि 1360 करोड़ के करीब दर्ज हुई है। वित्त विभाग के आंकड़ों के अनुसार हिमाचल सरकार हर महीने 250 करोड़ के करीब कर्ज उठा रही है। इस कारण आर्थिक बोझ लगातार हिमाचल को बौना कर रहा है। इसी बीच जुलाई, 2018 का महीना हिमाचल के लिए खुशियों भरा साबित हो सकता है। वित्त विभाग का दावा है कि इस महीने एक फूटी कौड़ी भी कर्ज ही नहीं उठाएंगे। उल्लेखनीय है कि हिमाचल सरकार चार अलग-अलग एजेंसियों से कर्ज उठा रही है। राज्य सरकार मार्किट से सबसे ज्यादा कर्ज उठा रही है। इसके बाद नाबार्ड-वर्ल्ड बैंक तथा केंद्र सरकार आर्थिक मदद के माध्यम है। इन सभी एजेंसियों के माध्यम से राज्य सरकार हर माह उधारी के दम पर अपने खर्चे पूरे कर रही है।

जीएसटी से पड़ा विपरीत असर

जीएसटी के लागू होने के बाद हिमाचल की आर्थिक स्थिति पर विपरीत प्रभाव पड़ा है। एक साल की समयावधि में हिमाचल की टैक्स वसूली 47 फीसदी घट गई है। इस कारण राज्य की वित्तीय स्थिति की भरपाई के लिए हर महीने सरकार 250 करोेड़ का ऋण उठा रही है।

केंद्र ने की भरपाई

जीएसटी से हुए वित्तीय घाटे की भरपाई केंद्र सरकार ने जारी की है। इसके अलावा आबकारी एवं कराधान विभाग ने जीएसटी को लेकर  बेहतर परिणाम दिए हैं। वैट की फंसी पुरानी रिकवरी को भी वसूलने में सकारात्मक परिणाम आए हैं।

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