कांगड़ा घाटी की ट्रेनें बंद…

लोग तंगगुलेर तक ही रेल सेवा होने से लोगों को झेलनी पड़ रहीं दिक्कतें

भटेहड़ बासा-रानीताल —बरसात के मौसम में कांगड़ा घाटी में ट्रेनों का बंद होना कोई नई बात नहीं है । शायद जब से पठानकोट-जोगिंद्रनगर रेलवे ट्रैक बना है उसी समय से यह समस्या चलती आ रही है। कई सरकारें आई और कई चली गईं, लेकिन इस रेल लाइन का विस्तार तो दूर की बात पर जो अंग्रेजों के जमाने का ट्रैक बिछा है उस पर भी सुचारू रूप से लोगों की सुविधा के लिए ट्रेनें सरकारें नहीं चला पाई हैं । चुनावों के समय इस रेल लाइन को ब्राडगैज करने का मुद्दा बड़े जोर-शोर से उठता है, लेकिन चुनाव जीतने के बाद राजनेता भी गहरी नींद सो जाते हैं । पठानकोट से जोगिंद्रनगर  तक इस रेलवे ट्रैक की लंबाई 164 किलोमीटर है । पहाड़ी एरिया होने के कारण ल्हासे गिरने के अंदेशे के चलते रेलवे अकसर की ट्रैक पर रेलगाडि़यों की आवाजाही अस्थायी रूप से बंद कर देता है । लेकिन ये कोई नई बात नहीं है हर बार बरसात के मौसम में यही स्थिति रहती है । ऐसे सबसे ज्यादा परेशानी इस रेलवे ट्रैक के किनारे बसने वाले उन गांवों के लोगों को होती है, जिनको आज तक सड़क तक सरकारें मुहैया नहीं करवा पाई हैं । इन गांवों के लोगों का जीवन मात्र ट्रेन के सहारे ही चलता है । जी हां! यहां बात हो रही है धार, धंगड़, मंदराटा, लुणसू, हाली बस्ती व चत्रा आदि गांवों की जो कि देहरा विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं, जिन्हें आज तक सड़क मयस्सर नहीं हुई है । बरसात के मौसम के चलते इन दिनों रेलवे ने ट्रेनों की आवाजाही गुलेर तक कर दी है, जिसके चलते यह गांव शेष विश्व से कट कर रह गए हैं ।  ग्राम पंचायत धार के उपप्रधान नितिन ठाकुर का कहना है कि इन गांवों में सड़क सुविधा न होने के कारण यातायात का एकमात्र साधन ट्रेन ही है । ट्रेन बंद होने की स्थिति में लोगों को मीलों पैदल चल कर मूलभूत सुविधाएं प्राप्त करनी पड़ती है । स्कूली बच्चे भी  खतरनाक जंगली रास्तों से होकर स्कूल पहुंचते हैं । उन्होंने सरकार से मांग की है कि इन गांवों को पक्की सड़क सुविधा मुहैया करवाई जाए, ताकि हम लोग भी आधुनिकता की दौड़ में शामिल हो सकें । स्थानीय लोगों ने रेलवे के मंडलीय प्रबंधक से मांग की है कि लोगों को हो रही असुविधा को देखते हुए ट्रेनों सुचारू रूप से चलाया जाए। इस बारे में जब उत्तर रेलवे के डीआरएम  फिरोजपुर मंडल विवेक कुमार ने बताया कि बारिश से ट्रैक पर मलबा गिरने से ट्रेनों को बंद किया है।

 

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