कांग्रेस के पोस्टर में आशा-बाली-सुधीर

धर्मशाला— राज्य में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भले ही एक-दूसरे के खिलाफ खुलेआम मोर्चा खोल रहे हैं, लेकिन कांगड़ा में तस्वीर जुदा है। कांगड़ा संसदीय क्षेत्र को संगठित करने की सियासी कवायद में जुटे कुछ नेताओं ने अब नई पहल करते हुए पहली बार पूरे संसदीय क्षेत्र का दो दिवसीय त्रिगर्त प्रशिक्षण शिविर बैजनाथ में रखा है। संसदीय क्षेत्र के सभी नेताओं को एक मंच पर लाने के लिए पिछले कई दिनों से कवायद चल रही है, जिसमें अधिकतर नेता इकट्ठा हो रहे थे, लेकिन चंबा के बनीखेत से विधायक आशा कुमारी और पूर्व मंत्री जीएस बाली इस मंच से दूरी बनाए हुए थे। इस बार नया सियासी दांव खेलते हुए दोनों नेताओं को कांगड़ा-चंबा के नेताओं के पोस्टर में सबसे ऊपर और सबसे आगे स्थान देकर एका दिखाने का नया दांव खेला गया है, ताकि संसदीय क्षेत्र की बाजी को कांग्रेस के पाले में किया जा सके। पार्टी के बिखरे हुए संगठनात्मक ढांचे को एकसूत्र में पिरोने के लिए लगातार हो रहे प्रयासों के बाद अब 14 व 15 जुलाई को बैजनाथ के बीड़ में संसदीय क्षेत्र का अभ्यास वर्ग लगाया जा रहा है। हालांकि पिछले इतिहास को देखें तो ऐसे वर्ग भाजपा लोकसभा चुनावों से पहले करती थी, लेकिन इस दफा कांग्रेस के संगठनकर्ताओं ने बाजी मारते हुए उनसे पहले अपने संगठनात्मक ढांचे को मजबूत करने की बड़े स्तर पर योजना की है। जिस तरह पिछले लोकसभा चुनावों में सांसद शांता कुमार ने कांगड़ा-चंबा के सभी हारे-जीते और नाराज नेताओं व कार्यकर्ताओं को मनाकर पूर्व योजना के तहत साथ चलाते हुए कांगड़ा के सियासी किले को फतेह किया था।  उसी तरह इस बार कांग्रेस भी बाजी अपने पक्ष में करने के लिए काम कर रही है।

इन पर छह सत्र

शिविर में कांग्रेस पार्टी की विचारधारा, कांग्रेस की उपलब्धियां, अहिंसा के रास्ते, भविष्य की राजनीति, चुनाव की तैयारियां और पंचायती राज पर अलग-अलग सत्रों में नेताओं व कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित कर फील्ड में भेजा जाएगा।

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