खतरे के निशान के करीब पहुंची यमुना

पांवटा साहिब —पिछले तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश से पांवटा साहिब की नदियां उफान पर हैं। पांवटा साहिब में, जहां यमुना नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच रहा है, वहीं जटौन व डाकपत्थर डैम से सभी गेट खोले जाने पर यमुना की सहायक नदियां गिरि और बाता नदी भी अपना रौद्र रूप दिखा रही है। हालांकि पांवटा साहिब में शनिवार को 34 एमएम वर्षा रिकार्ड की गई, लेकिन ऊपरी इलाकों में भारी बारिश से नदियां उफान पर हैं। रेणुकाजी व संगड़ाह में भारी वर्षा के कारण गिरि और बाता नदियों के बाढ़ जैसे हालात बन रहे हैं। पांवटा साहिब की यमुना नदी में शनिवार 11 बजे तक जलस्तर 381.80 मीटर तक पहुंच गया, जो खतरे के निशान से मात्र तीन मीटर कम है। यमुना नदी आर-पार लग चुकी है। स्नानघाट की सारी सीढि़यां डूब चुकी हैं। नदी का पानी यमुना पुल के काफी करीब पहुंच गया है। यही हाल बाता नदी का है। बाता नदी में भी जलस्तर में भारी बढ़ोतरी हुई है। गिरि नदी तो पिछले दिनों भी अपना रौद्र रूप दिखा चुकी है, जब आठ लोग गिरि के बीच टापू पर फंस गए थे। शनिवार को भी गिरि नदी उफान पर रही। लोगों का कहना है कि यदि बारिश नहीं रुकी तो नदियां पांवटा साहिब सहित मैदानी इलाकों हरियाणा और दिल्ली आदि में तबाही मचा सकती हैं। उधर प्रशासन ने लोगों को एडवाइजरी जारी करते हुए नदी-नालों से दूर रहने को कहा है। प्रशासन की तरफ से एक वाहन में माइक लगाकर लोगों को नदी-नालों से दूर रहने की सूचना दी जा रही है। केंद्रीय जल आयोग के स्थानीय कार्यालय प्रभारी नंद कुमार ने बताया कि शनिवार को सुबह 11 बजे यमुना नदी का जलस्तर 381.80 दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि यदि बारिश जारी रही तो पानी खतरे के निशान तक पहुंच सकता है। वहीं नायब तहसीलदार पांवटा निहाल सिंह कश्यप ने कहा कि लोगों को नदी-नालों से दूर रहने के लिए सूचना द्वारा जागरूक किया जा रहा है। साथ ही कुछ गोताखोरों को भी हायर किया जा रहा है, ताकि आपात स्थिति से निपटा जा सके।

 

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