गुम्मा में जमीन धंसने का खतरा

कोटरूपी हादसे से सबक; पहले ही लगाए ब्लिंकर, लोगों को भी प्रशासन का अलर्ट जारी

जोगिंद्रनगर— पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर पिछले साल हुए हुए कोटरूपी हादसे से खौफजदा स्थानीय प्रशासन ने गुम्मा में जमीन धंसने की आशंका देखते हुए स्लाइडिंग जोन में सावधानी बरतते हुए दोनों छोर पर ब्लिंकर स्थापित किए हैं, ताकि आपदा के समय आने वाले खतरे की जानकारी मिल सके, जबकि जमीन धंसने की सूचना हेतु यंत्र भी स्थापित किए गए हैं, जिससे जमीन धंसने बारे पूर्व में ही सूचना प्राप्त हो जाए व होने वाली किसी अनहोनी की स्थिति में होने वाले नुकसान से बचा जा सके। प्रशासन द्वारा संबंधित गुम्मा पंचायत व लोक निर्माण विभाग को पहले ही अलर्ट पर रखा गया है। मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर स्थित गुम्मा में बरसात के समय हर वर्ष जमीन धंसती है तथा वहां रह रहे लोगों को हर समय डर सताता रहता है, जबकि भू-स्लखन के कारण कई बार मंडी-पठानकोट राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर यातायात अवरुद्ध रहता है तथा कई बार तो एक हफ्ता से ज्यादा इस सड़क पर यातायात बहाल करने को लग गया। इस बार प्रशासन ने कोटरूपी हादसे से सबक लेते हुए गुम्मा में आईआईटी के कुछ यंत्र स्थापित किए हैं, जिनस जमीन धंसने बारे जानकारी प्राप्त होगी, जबकि स्लाइडिंग जोन में पहले से ही चेतावनी बोर्ड स्थापित किए गए हैं तथा अब प्रशासन ने सड़क के दोनों छोरों पर ब्लिंकर भी स्थापित किए हैं, ताकि आने वाले किसी खतरे की जानकारी वहां से गुजरने वालों को दी जा सके। उपमंडलाधिकारी अमित मेहरा ने खबर की पुष्टि की है।

भू-स्खलन से संगड़ाह-रेणुकाजी नाहन की सड़कों पर थमे पहिए

शुक्रवार को दोपहर बाद भी राज्य में कई जगह बारिश हुई, जिससे कई स्थानों पर भू-स्खलन की सूचना है। भू-स्खलन के चलते संगड़ाह-रेणुकाजी, नाहन मार्ग घंटों वाहनों की आवाजाही के लिए अवरुद्ध रहा।

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