गैर मान्यता प्राप्त खेल प्रतियोगिताएं

भूपिंदर सिंह

लेखक, राष्ट्रीय एथलेटिक प्रशिक्षक हैं

देश व प्रदेश में खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करवाने वाले तीन संस्थान हैं। देश में खेल मंत्रालय से मान्यता प्राप्त खेल महासंघ ही उस खेल के प्रचार, प्रसार, नियम व प्रतियोगिता आयोजन के लिए अधिकृत व मान्य है। उसके अतिरिक्त अगर और कोई खेल प्रतियोगिता होगी तो उससे कोई भी इनाम, अवार्ड व आरक्षण लाभ नहीं मिलेगा…

हिमाचल प्रदेश में आए दिन कई गैर मान्यता प्राप्त खेल प्रतियोगिताएं आयोजित होती रहती हैं, मगर अभिभावक इस सबके बारे में अभी तक जागरूक नहीं हुए हैं कि कौन सी प्रतियोगिता खेल आरक्षण, जो शैक्षणिक व नौकरी में खिलाडि़यों को प्राप्त होता है, उसके लिए योग्य हैं या नहीं। अभिभावक बड़े गर्व से कहता है कि उसका बच्चा राज्य व राष्ट्र स्तर पर नहीं, अपितु अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फलां पदक जीत कर आया है, परंतु जब उच्च शिक्षा में दाखिले या नौकरी के लिए आरक्षण मांगता है, तो वह राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पदक का प्रमाण पत्र रद्दी के सिवाय कुछ नहीं होता है। इस विषय पर ‘दिव्य हिमाचल’ से अभिभावकों ने मान्यता प्राप्त खेल प्रतियोगिताओं की जानकारी के लिए बार-बार कहा है। देश व प्रदेश में खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करवाने वाले तीन संस्थान हैं। स्कूली स्तर पर खंड स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न खेलों की प्रतियोगिताएं, जिला स्तर पर स्कूली जिला खेल परिषद, जिसका अध्यक्ष उपनिदेशक शिक्षा व सचिव एडीपीओ होता है, करवाती है। राज्य स्तर पर राज्य शिक्षा विभाग का निदेशक अध्यक्ष तथा उपनिदेशक शारीरिक शिक्षा सचिव रज्य स्कूल खेल परिषद का होता है। इस स्तर जिला स्तर से चुनी गई टीमें भाग लेती हैं तथा राष्ट्रीय स्कूली खेलों के लिए टीम का भी चयन होता है।

राष्ट्रीय स्तर पर स्कूली गेम्ज फेडरेशन आफ इंडिया राष्ट्रीय स्कूली खेलों का आयोजन करवाती है और एशियाई स्कूली प्रतियोगिता, जो जब कभी होती है टीम का चयन कर उसमें भेजती है। स्कूली स्तर पर सीबीएसी से मान्यता प्राप्त स्कूलों की राष्ट्रीय प्रतियोगिता के बाद बनी टीम भी राष्ट्रीय स्कूली खेलों में हर राज्य की टीम के बराबर बनकर हिस्सा लेती है। विश्वविद्यालय स्तर पर उसके साथ हर संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्या तथा प्राध्यापक शारीरिक शिक्षा वर्ष में एक बार बैठक कर विश्वविद्यालय खेल परिषद का गठन करते हैं। इसमें संबद्धता प्राप्त महाविद्यालयों के प्राचार्यों में किसी एक को चुनकर अध्यक्ष बनाया जाता है तथा सचिव का कार्य विश्वविद्यालय शारीरिक शिक्षा व खेल निदेशालय का निदेशक करता है। विश्वविद्यालय खेल परिषद अतंर महाविद्यालय खेल प्रतियोगिताएं व अंतर विश्वविद्यालय खेलों के लिए टीम का चयन व भागेदारी के लिए भी भेजती है। राष्ट्र स्तर एसोसिएशन आफ इंडियन यूनिवर्सिटी अखल भारतीय अंतर विश्वविद्यालय खेलों का आयोजन करती है तथा दो वर्ष बाद होने वाली वर्ल्ड यूनिवर्सिटी खेलों के लिए टीम का भी चयन करती है। देश में खेलों के लिए जिम्मेदार विभिन्न खेलों के महासंघ हैं, जो उस खेल के अंतरराष्ट्रीय महासंघ, भारतीय ओलंपिक संघ तथा केंद्रीय खेल मंत्रालय से मान्यता प्राप्त हैं। विभिन्न खेल महांसघों के अध्यक्ष व सचिव और राज्य ओलंपिक संघों के अध्यक्ष व सचिव भारतीय ओलंपिक संघ के सदस्य होते हैं। ओलंपिक राष्ट्रमंडल एशियाई व राष्ट्रीय खेल ओलंपिक संघ की देखरेख में होते हैं।

विश्व चैंपियनशिप एशियाई प्रतियोगिताएं, राष्ट्रीय प्रतियोगिता, राज्य प्रतियोगिता व जिला प्रतियोगिता विभिन्न खेल, खेलों के खेल संघ आयोजित करवाते हैं। हर जिला खेल संघ जहां उस खेल के राज्य संघ से मान्यता प्राप्त होता है, वहीं पर वह जिला खेल परिषद से भी मान्यता  लेता है। जिला खेल परिषद के गठन में हर खेल संघ के जिला अध्यक्ष व सचिव सदस्य होते हैं तथा जिला का उपायुक्त अध्यक्ष व जिला युवा सेवाएं एवं खेल अधिकारी सचिव का कार्य करता है। इस तरह राज्य स्तर पर हर जिला या हर खेल संघ के अध्यक्ष व सचिव सदस्य होते हैं। कुछ उत्कृष्ट खिलाड़ी व अच्छे प्रशिक्षकों का भी मनोनयन होता है। इस स्तर पर राज्य का मुख्यमंत्री राज्य खेल परिषद का अध्यक्ष तथा युवा सेवाएं एवं खेल विभाग का निदेशक सचिव का कार्य करता है। इस राज्य खेल परिषद से हर राज्य खेल संघ संबद्धता लेता है। राज्य खेल का कार्य राज्य स्तरीय कनिष्ठ व वरिष्ठ खेल प्रतियोगिताएं आयोजित करवाना तथा राष्ट्रीय स्तर पर टीमें भेजना है। विभिन्न खेलों के महासंघ अपनी-अपनी राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन करवाते हैं तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर ओलंपिक राष्टमंडल एशियाई खेलों व प्रतियोगिताओं के लिए टीम का चयन कर वहां प्रतिनिधित्व करवाते हैं।

इस तरह देश तथा प्रदेश में उपरोक्त मान्यता प्राप्त संस्थान हैं, जो खिलाडि़यों के लिए किट खेल सामान प्रतियोगिता व प्रशिक्षण शिविर के समय दैनिक व यात्रा भत्ता सब स्वयं वहन करते हैं। इस मान्यता प्राप्त खेल प्रतियोगिताओं के पदक विजेताओं को राज्य की उच्च शिक्षा में पांच प्रतिशत आरक्षण है। वर्ष 2000 में तत्कालीन धूमल सरकार ने सरकारी नौकरियों में तीन प्रतिशत आरक्षण किया है। सरकारी नौकरी में विभिन्न केंद्रीय व राज्य के विभाग अपने खिलाडि़यों की खेल प्रतियोगिताएं करवाते हैं। वह भी आगे चलकर वरिष्ठ राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में ही भाग लेते हैं। अखिल भारतीय स्तर पर जहां सेना अपने यहां तीनों थल, जल व नभ सेना की प्रतियोगिता करवाती है। वहीं पर पुलिस, रेलवे, डाक तार व अन्य भारत सरकार के उपक्रम भी वरिष्ठ राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिताओं में अपनी-अपनी टीमें भेजते हैं। देश में खेल मंत्रालय से मान्यता प्राप्त खेल महासंघ ही उस खेल के प्रचार, प्रसार, नियम व प्रतियोगिता आयोजन के लिए अधिकृत व मान्य है। उसके अतिरिक्त अगर और कोई खेल प्रतियोगिता होगी तो उससे कोई भी इनाम, अवार्ड व आरक्षण लाभ नहीं मिलेगा।

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