गोशाला संचालन में कोताही, तो कार्रवाई

 ऊना —गोवंश की रक्षा के लिए सरकार की ओर से हर स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। लेकिन उसके बावजूद भी गोशालाओं के संचालन में कथित तौर पर खामियां उजागर हो रही हैं। लेकिन अब गोशालाओं के संचालन में खामियां पाइर्ं तो गोशाला प्रबंधन समिति के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। बाकायदा खामियां होने पर एफआईआर भी दर्ज होगी। ताकि भविष्य में कोई भी गोशाला संचालन समिति इस तरह की कोताही नहीं करे। प्रदेश सरकार की ओर से गोशालाओं के बेहतर संचालन के लिए शराब का एक प्रतिशत सेस के तौर पर खर्च करने का भी निर्णय लिया है। वहीं, गोशालाओं में अन्य सुविधाएं भी मुहैया करवाई जा रही हैं। लेकिन उसके बावजूद भी गोशालाओं का संचालन सही नहीं हो पा रहा है। अभी हाल ही में पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर द्वारा सोलन जिला के मरयोग गोशाला का औचक निरीक्षण किया। जिसमें खामियां पाई गई थीं। जिसके चलते पंचायती मंत्री वीरेंद्र कंवर ने इस गौशाला से संबधित रिपोर्ट भी मांगी है। हालांकि प्रारंभिक चरण में गौ माता की यह हालत भूखमरी ही माना जा रहा है। जिसके चलते गायों के ब्लड सैंपल भी लिए गए हैं। जल्द ही इसकी रिपोर्ट आएगी। गोशाला प्रबंधन समिति के खिलाफ रिपोर्ट के आधार पर ही कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। लेकिन यदि इसमें गौशाला प्रबंधन समिति की कोताही पाई गई तो एफआईआर दर्ज होगी। ताकि भविष्य में इस तरह की कोताही न हो। उल्लेखनीय है कि इससे पहले पंचायती राज मंत्री हमीरपुर जिला की कलवाल के अलावा खज्जियां गोशाला का भी निरीक्षण कर चुके हैं। गोशालाओं के संचालन के लिए इन गोशालाओं की समितियों को भी निर्देश दिए गए हैं। इनके संचालन में किसी तरह की कोताही बर्दाशत नहीं होगी।

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