ट्रेंड कंडक्टर…जान की बाजी लगाएंगे

सरकार से खफा परिचालक आज से करेंगे आमरण अनशन, निगम के खिलाफ आक्रोश

शिमला – सरकार से खफा एचआरटीसी के प्रशिक्षित परिचालक स्थायी नीति की मांग को लेकर आज से आमरण अनशन करेंगे। राज्य सरकार व निगम प्रबंधन की तरफ से मांग पर सकारात्मक फैसला न करने से रुष्ट प्रशिक्षुओं ने क्रमिक अनशन को आमरण अनशन में तबदील करने का निर्णय लिया है। प्रशिक्षित परिचालक संघर्ष समिति के अध्यक्ष बलवंत सिंह तोमर ने कहा कि प्रशिक्षु स्थायी नीति की मांग को लेकर 21 जुलाई तक आंदोलनरत हैं। उन्होंने सरकार व निगम प्रबंधन पर भेदभाव का आरोप लगाया है। कुछ प्रशिक्षित परिचालकों से अभी भी एचआरटीसी की बसों में सेवाएं ली जा रही हैं, जबकि शेष प्रशिक्षुओं को बसों से उतार दिया गया है। उनका आरोप है कि जब एचआरटीसी में परिचालकों की कमी थी उस समय प्रशिक्षुओं से बसों में दिन-रात सेवाएं ली गईं। आज जब एचआरटीसी में नए कंडक्टरों की तैनाती हो गई है, तब प्रशिक्षुओं को बाहर कर दिया गया है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अध्यक्ष बलवंत सिंह तोमर ने कहा कि सरकार व निगम प्रबंधन की नजरअंदाजी के चलते प्रशिक्षुओं को मजबूरन आमरण अनशन करना पड़ रहा है।

प्रशिक्षुओं की सुध ले सरकार

हिमाचल प्रदेश राज्य परिवहन परिचालक संघ ने मुख्यमंत्री से गुहार लगाई है कि भूख हड़ताल पर बैठे प्रशिक्षु परिचालकों की भी सुध ली जाए। संघ के अध्यक्ष कुशाल सिंह झामटा ने कहा कि  कौशल विकास के अंतर्गत हिमाचल सरकार ने परिवहन निगम ने वर्ष 2015 से प्रशिक्षु परिचालकों को प्रशिक्षण दिया गया और परिचालकों का कार्य पूर्ण रूप से लिया गया है, जिसमें से केवल सरकार ने 70 प्रशिक्षु परिचालकों को ही रोजगार प्रदान किया है, जो कि अन्य प्रशिक्षुओं के साथ अन्याय है। भूख हड़ताल पर बैठे प्रशिक्षुओं के सात दिन पूरे हो गए हैं, मगर उनकी मांगों की ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर व परिवहन मंत्री और शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज से आग्रह किया है कि सभी प्रशिक्षित पुरुष व महिला प्रशिक्षुओं को कौशल विकास नीति के तहत हिमाचल पथ परिवहन निगम में टीएमपी परिचालक पद में रोजगार प्रदान करें।

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