डीसी किन्नौर-एसडीओ को नोटिस

आदेशों की अनुपालना न होने पर हाई कोर्ट ने मांगा जवाब

 शिमला —किन्नौर जिला में ब्रेलेंगी गांव को सुचारू रूप से पानी की सुविधा मुहैया करवाए जाने बारे हाई कोर्ट द्वारा दिए गए आदेशों की अनुपालना न किए जाने पर हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने प्रार्थी ज्ञान दास नेगी द्वारा दायर अनुपालना याचिका की सुनवाई के पश्चात सचिव सिंचाई एवं पेयजल, डीसी किन्नौर और एसडीओ कल्पा को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। इससे पहले प्रार्थी ने हाई कोर्ट के समक्ष याचिका के माध्यम से आरोप लगाया था कि ब्रेलेंगी गांव को सुचारू रूप से पानी की सुविधा मुहैया नहीं करवाई जा रही है। हाई कोर्ट के दखल के बाद डीसी किन्नौर ने एक कमेटी का गठन किया और 8 मार्च के आदेशों के तहत ब्रेलेंगी गांव को सुचारू रूप से पानी बांटने का फैसला किया गया। हाई कोर्ट ने एसडीओ कल्पा को आदेश दिए थे कि वह  आठ  मार्च के आदेशो के तहत ब्रेलेंगी गांव को सुचारू रूप से पानी का आबंटन सुनिश्चित करें, लेकिन तीन माह का समय बीत जाने के बावजूद प्रशासन हाई कोर्ट के आदेशों पर सोया रहा। प्रार्थी को मजबूरन अनुपालना याचिका दायर करनी पड़ी। अनुपालना याचिका में आरोप लगाया गया है कि प्रशासन जान बूझकर हाई कोर्ट के आदेशों की अनुपालना नहीं कर रहे हैं हालांकि हाई कोर्ट द्वारा पारित आदेशों को समय पर प्रशासन के ध्यान में लाया गया था। बोक्टू कूल्ह से पानी के बंटवारे पर किन्नौर जिला के दो गांव ब्रिलेंगी और कल्पा के लोगो में  खींचातानी है। ब्रेलिंगी लोगो का आरोप  है कि प्रशासन द्वारा उन्हें कम पानी दिया जाता है, जबकि उनके पास कल्पा से कहीं ज्यादा सिंचाई युक्त जमीन है।

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