नगरोटा बाल मेले में जीएस बाली ने फिर दिखाई ताकत

मंत्री के जन्मदिन के बहाने एकजुट दिखे कई विपरीत ध्रुव

नगरोटा बगवां – नगरोटा बगवां में पिछले दो दशकों से सियासी पकड़ का पर्याय बन चुका बाल मेला तमाम अटकलों के बाद इस बार भी आयोजकों में नए प्राण फूंकने में कामयाब रहा । पिछले सात माह से हाशिये में पड़ी पार्टी तथा कार्यकर्ताओं के लिए यह लंबे अरसे बाद आया सुअवसर ही था जब कार्यकर्ताओं के चेहरे की रौनक देखते ही बनती थी । सत्ता से बाहर रहते हुए पहली बार आए बाल मेले में भी इतना जनसमर्थन मिलेगा यह न तो आयोजकों और न ही मुख्य सूत्रधार ने सोचा होगा । आयोजन के पहले दिन मिली निराशा को भीड़ ने दूसरे दिन पूरी तरह धो डाला । पूरा दिन गांधी मैदान उसी पुराने जोशो खरोश में सरोवार दिखा । अटकलें यह भी थी कि जहां सत्ता की चाबी दूसरे पक्ष में जाने के बाद इतना बड़ा आयोजन बिना सरकारी अमले के सहयोग से संभव ही नहीं हो पाएगा वहीं पार्टी के मुखिया से प्रथम पंक्ति के कार्यकर्ताओं का छंटना क्षेत्र में किसी भी बड़े आयोजन पर ही सवालिया निशान लगा रहा था । इसके बावजूद इस बार के आयोजन को इसलिए भी खास कहने में कोई अतिश्योक्ति नहीं होगी कि इस दौरान  न केवल क्षेत्र के  बाकायदा अपनी हाजिरी भर कर भले ही कुछ पलों के लिए उस खास व्यक्ति के खास समय में दूर रहना गवारा नहीं समझा। वहीं, कांगड़ा की राजनीति में अपने अपने प्रभुत्व का  दावा ठोंकने वाले विपरीत ध्रुव भी एक साथ नजर आए। इस दौरान लंबे समय से छतीस के आंकड़े के बीच राजनीति कर रहे नीरज भारती न केवल बाली के साथ एकजुट हुए बल्कि अपने बीच उपजे मतभेदों के लिए एक और नेता को लपेटे में ले लिया । एक सवाल के जवाब में जहां बर्थडे ब्वाय ने अपने को इन चीजों से ऊपर उठ कर सियासी बयान से पूरी तरह परहेज कर इसे सुखद करार दिया। वहीं, जगदीश सिपहिया, सुरेंद्र काकू,  राकेश कालिया, राजेश धर्माणी, रोहित ठाकुर के साथ नीरज भारती की उपस्थिति से सामयिक संतोष भी झलकता दिखाई दिया ।

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