नौहराधार में 20 बीघा मलबे में, मक्की-गोभी गरक

नौहराधार – तीन दिनों से हो रही लगातार बारिश ने क्षेत्र में भारी कहर बरपाया है। भवाई पंचायत के जियाड़ गांव में भारी बारिश से 20 बीघा जमीन भू-स्खलन की भेंट चढ़ गई है। भू-स्खलन के कारण अदरक, धान, गोभी, मडवा, फ्रांसबीन, उड़द तथा मक्की आदि फसलों के नष्ट होने से किसानों को करीब पांच लाख से अधिक का नुकसान हुआ है। जियाड़ निवासी जीत सिंह के एक बछड़े की भू-स्खलन की चपेट में आने से मौत हो गई। राजस्व विभाग की टीम शुक्रवार को मौके पर पहुंची। टीम ने नुकसान का जायजा लेकर इसकी रिपोर्ट एसडीएम संगड़ाह को भेज दी है। भारी बारिश के कारण चाड़ना गांव में भी कई स्थानों पर भू-स्खलन हुआ है। चाड़ना निवासी मोहन लाल के दो मंजिला भवन की सुरक्षा दीवार ढह गई है, जिसके कारण उनके मकान को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। इसी गांव के हरदेव के मकान के पीछे भू-स्खलन होने से सारा मलबा उनके मकान पर आ गया है, जिससे उनके मकान को भी खतरा बना हुआ है। रूप सिंह के मकान के पीछे भी भू-स्खलन हुआ है। भू-स्खलन का मलबा उनके मकान की छत पर आ गया है, जिससे उनके मकान को भी खतरा पैदा हो गया है। भारी बारिश के कारण प्रताप नेगी की जमीन का भारी नुकसान हुआ है। चाड़ना गांव के लिए बना संपर्क मार्ग भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। भू-स्खलन के कारण लोगों को गांव में एक-दूसरे के घर जाने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। चाड़ना गांव के बहादुर सिंह, विपता राम, सुरेंद्र सिंह, प्रताप नेगी, हरदेव व मोहन लाल ने बताया कि गांव के कई मकानों को गंभीर खतरा देखते हुए उन्होंने प्रशासन को भी सूचित कर दिया था, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे हैं। बारिश से नौहराधार के समीप ठठारन में एक बाइक पानी के तेज बहाव में बह गई। ठठारना निवासी जोगेंद्र सिंह अपनी बाइक पर आ रहा था। ठठारना के समीप एक नाले में पानी के तेज बहाव में उनकी बाइक बह गई। उन्होंने छलांग लगाकर अपनी जान तो बचा ली, लेकिन उनकी बाइक तेज पानी के बहाव में बहकर काफी दूर चली गई। नौराबौरा पंचायत के कथियाड़ खड्ड में एक बैल बह गया। खड्ड में बहते समय बैल का पिछला हिस्सा एक चट्टान के नीचे फंस गया था। लोगों ने रस्सी से बांधकर बैल को बचाने का भरसक प्रयास किए, लेकिन बैल को नहीं बचा पाए। इस तबाही से देवना पंचायत के उच्च विद्यालय के भवन में पीछे दरारें आई हैं, जिससे भवन गिरने का खतरा पैदा हो गया है। यदि यह बारिश निरंतर रहती है तो क्षेत्र में काफी तबाही हो सकती है। किसानों की बची फसलें भी नष्ट हो जाएंगी। अत्याधिक बारिश से किसान काफी आहत हैं। इस बारिश से किसानों की नकदी फसलों के अलावा खेत तथा घासनियों में लगे पेड़-पौधे गिरकर नष्ट हो गए हैं, जिससे किसानों का लाखों रुपए का नुकसान हो गया है। उपतहसील हरिपुरधार के नायब तहसीलदार दिनेश शर्मा ने बताया कि भारी बारिश के कारण भवाई पंचायत के जियाड़ गांव में भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि गांव की लगभग 20 बीघा जमीन भू-स्खलन की चपेट में आई है। भू-स्खलन से लगभग किसानों का पांच लाख का नुकसान हुआ है। नुकसान की रिपोर्ट उच्चाधिकारी को भेज दी है।

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