नौ अफसर जांच में दोषी

शिमला— प्रदेश सरकार के नामजद संभावित 66 दागी अफसरों में से नौ को विभागीय जांच में दोषी पाया गया है। इस आधार पर सरकार ने पांच अधिकारियों के खिलाफ कठोर सजा सुनाई है। इनमें तीन इन्क्रीमेंट रोके जाने, जबरन रिटायरमेंट और सेवा से बर्खास्तगी की पेनल्टी शामिल है। अहम है कि विभागीय जांच में छह अफसरों के खिलाफ आरोपों की पुष्टि नहीं हो पाई है। इसके अलावा चार अधिकारियों को जांच में चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है। एक के खिलाफ जांच वापस ले ली है। हिमाचल सरकार ने कुल 66 में से 54 अफसरों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की है। इनमें 20 अफसरों के विरुद्ध जांच रिपोर्ट पूरी कर ली गई है और 34 के खिलाफ जांच के मामले विचाराधीन है। बताते चलें कि अन्य 12 मामले विभिन्न अदालतों में विचाराधीन हैं। इसके चलते हाई कोर्ट ने हिमाचल सरकार से 66 अधिकारियों के खिलाफ चल रही जांच रिपोर्ट तलब की थी। इस आधार पर हाई कोर्ट ने विभागीय जांच में शामिल 54 मामलों पर सरकार से चार्ट रिपोर्ट मांगी है। इसमें अलग-अलग केस का विस्तार से ब्यौरा कोर्ट में देने के आदेश पारित किए गए हैं। सूचना के अनुसार हिमाचल सरकार ने विभागीय जांच में शामिल 54 अफसरों के मामलों में से 20 के खिलाफ अपनी जांच रिपोर्ट पूरी कर ली गई है। इससे स्पष्ट हुआ है कि नौ के विरुद्ध आरोपों की पुष्टि हुई है और छह अधिकारियों को विभागीय जांच में राहत मिली है। अन्य चार को चेतावनी देकर छोड़ दिया गया है और एक मामले में जांच वापस ली गई है। बताते चलें कि संभावित 66 दागी अफसरों में कृषि विभाग में बामदेव शर्मा, जिला कृषि अधिकारी मंडी, रविकांत एसएमएस बीपीएम जेआईसीए प्रोजेक्ट देहरा, तकनीकी शिक्षा विभाग में जेडी शर्मा एचओडी राजकीय पोलीटेक्नीक कुल्लू, योगिंदर वशिष्ठ सीनियर लैक्चरर गवर्नमेंट पोलीटेक्नीक बनीखेत और महेंद्र सिंह प्रिंसिपल आईटीआई मशोबरा हैं। इसी प्रकार आईपीएच विभाग में सुशील जस्टा एसई शिमला जोन, विनोद कुमार ईई आईपीएच डिवीजन कुसुम्पटी, अभिषेक शर्मा एई आईपीएच डिवीजन हमीरपुर, हेम चंद चौहान एई आईपीएच डिवीजन कुल्लू, राजीव सहगल एई आईपीएच सर्किल धर्मशाला, ललिता कुमारी एई आईपीएच डिवीजन मंडी, प्रताप किस्टा एई हाइड्रोलॉजी सब डिवीजन शिमला, प्रदीप कुमार एई आईपीएच हैड क्वार्टर शिमला, मनोज कुमार एई आईपीएच सब-डिवीजन काजा, कंचन शर्मा एई आईपीएच जोन शिमला, प्रीत मोहिंदर सिंह ईई आईपीएच शिमला, अनिल मेहता ईई आईपीएच डिवीजन सुन्नी व रत्न सिंह आईपीएच सब-डिवीजन धामी हैं। इसी प्रकार सूची में भगत राम सुपरिंटेंडेंट ग्रेड-1 आईपीएच जोन धर्मशाला व घनश्याम सुपरिंटेंडेंट ग्रेड 1 आईपीएच सर्किल सोलन, पशुपालन विभाग में डा. प्रवेश ठाकुर वेटरनरी ऑफिसर कटगाओं किन्नौर, राजस्व विभाग में अजय पराशर तहसीलदार सलूणी, रघुबीर सिंह तहसीलदार मुल्थान कांगड़ा व राज कुमार तहसीलदार पांवटा साहिब सिरमौर, अभियोजन में प्रवीण ठाकुर एडीए रिकांगपिओ, प्रिंटिंग एंड स्टेशनरी वीके चौधरी डिप्टी कंट्रोलर, गृह विभाग में शमशेर सिंह एचपीपीएस एडिशनल एसपी आईआरबी बनगढ़, अनिल दत्त एचपीपीएस डिप्टी एसपी पीटीसी डरोह, मदनलाल धीमान एचपीपीएस डिप्टी एसपी एसवी एंड एसीबी कुल्लू, भगत सिंह ठाकुर एचपीपीएस एसपी वेल्फेयर पीएचक्यू शिमला, नरवीर सिंह एचपीपीएस डिप्टी एसपी सीआईडी शिमला, राजेश वर्मा एसपी सी एंड टीएस शिमला व शिवराम चौधरी एचपीपीएस डिप्टी एसपी एचपीएपी बटालियन जुंगा, उद्योग विभाग में तिलक राज शर्मा ज्वाइंट डायरेक्टर, लोक निर्माण विभाग में गुमान सिंह ईई सर्किल रामपुर, बीएस गोरा ईई सर्किल कुसुम्पटी, अनिल कुमार एई धर्मशाला डिवीजन व सीता राम यादव एई ईओ सर्किल बिलासपुर हैं। आबकारी विभाग गीता सिंह ईटीओ शिमला, ज्योति स्वरूप ईटीओ पांवटा साहिब, ग्रामीण विकास विभाग में रेखा बीडीओ डिवेलपमेंट ब्लॉक कांगड़ा, सुशम कुमारी बीडीओ डिवेलपमेंट ब्लॉक फतेहपुर, लोत्तम राम बीडीओ डिवेलपमेंट ब्लॉक, शशि पाल बीडीओ डिवेलपमेंट ब्लॉक श्रीनयनादेवी, राजीव सूद बीडीओ डिवेलपमेंट ब्लॉक देहरा व कृष्ण चंद बीडीओ डिवेलपमेंट ब्लॉक पांगी, स्वास्थ्य विभाग में कपिल धीमान असिस्टेंट ड्रग कंट्रोलर शिमला व डा. प्रकाश चंद दरोच सीएमओ ऊना सूची में शामिल हैं। इसी प्रकार राजेश्वर ठाकुर एमओ खनेरी-रामपुर, सुभाष ठाकुर एमओ डीडीयू शिमला, प्रशांत राणा एमओए दिनेश ठाकुर, एमओए दीपक ठाकुर, एमओए पंकज शर्मा, एमओए अरविंद शर्मा, एमओए पंकज शर्मा, एमओ सीएच नालागढ़, डाक्टर निखिल आहलूवालिया, डाक्टर हिमानी राणा, अश्वनी स्वामी, रमन कुमारी एमओ आरएच ऊना व डाक्टर कपिल एमओ केएनएच शिमला, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग में इंद्र देव सीडीपीओ कुल्लू, शिक्षा विभाग में डा. हेमेंद्र कुमार सहायक प्रवक्ता राजकीय महाविद्यालय बंजार, उत्तम चंद एसोसिएट प्रोफेसर राजकीय महाविद्यालय संजौली, हरीश गुप्ता एसोसिएट प्रोफेसर राजकीय महाविद्यालय संजौली व राजेश चौहान एसोसिएट प्रोफेसर राजकीय महाविद्यालय ठियोग शामिल हैं।

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