पंचायतों पर पांच लाख  से ज्यादा नहीं होंगे खर्च

ई-टेंडरिंग के तहत तकनीकी शाखा स्थापित करने की तैयारी

गोहर— ग्रामीण विकास एंव पंचायती राज विभाग जल्द ही राज्य स्तर पर तकनीकी शाखा का गठन करेगा, जिसमें तकनीकी डिजाइन एवं गुणवत्ता नियंत्रण संस्थान की स्थापना भी की जाएगी, ताकि प्रदेश की समस्त पंचायतों में किए जा रहे विभिन्न विकास कार्यों की गुणवत्ता बढ़ाई जा सके। इस विषय से जुड़े एक अन्य विशेष मुद्दे पर सरकार ने बाकायदा नोटिफिकेशन भी जारी कर दी है। नोटिफिकेशन नंबर RDD-XEN/2018-e-Tendring-41525 dated 17 july 2018 में सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब ग्राम पंचायतें पांच लाख या इससे अधिक की राशि के विकास कार्य नहीं करेंगी। सरकार ने ऐसे तमाम विकास कार्यों में टेंडर प्रक्रिया शुरू करने का निर्णय लिया है। ये टेंडर्ज खोलने का अधिकार संबंधित विकास खंड में तैनात सहायक अभियंता को दिया गया है। सरकार द्वारा जारी किए गए इस फरमान को लेकर पंचायत प्रधानों का एक प्रतिनिधिमंडल ग्रामीण विकास एंव पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर से भी मिला। उन्होंने पंचायत प्रधानों को आश्वासन दिया कि सरकार विभाग में तकनीकी शाखा के गठन के दौरान उनके सुझावों पर गंभीरता से विचार-विमर्श करेगी। यदि उनके सुझाव सरकार को रास आए, तो उस पर अवश्य कार्रवाई की जाएगी। इससे पूर्व ग्रामीण विकास एंव पंचायती राज विभाग के अंतर्गत किसी भी विकास कार्य में कोई भी टेंडर प्रक्रिया नहीं थी। विकास कार्यों में बाकायदा टेंडर प्रक्रिया अपनाकर विभाग ये कार्य ठेकेदारों के माध्यम से करवाएगा, जिसकी शक्तियां ब्लॉक स्तर पर तैनात एसडीओ को दे दी गई हैं।

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