पटरी पर लौटने लगा कारोबार

 बीबीएन —ट्रक आपरेटरों की हड़ताल समाप्त होते ही बीबीएन में उद्योगों का कारोबार भी पटरी पर लौटने लगा है। पिछले आठ दिनों में ट्रक आपरेटरो की हड़ताल के कारण बीबीएन के उद्योगों को दो हजार करोड़ से ज्यादा का नुकसान झेलना पड़ा है। अब हड़ताल खत्म होने के बाद भी कारोबार को पूरी तरह से ट्रैक पर लौटने में कुछ दिन लग जाएंगे। क्योंकि अभी कच्चा माल आने में वक्त लगेगा और उद्योगों के पास स्टाक में कुछ भी बाकी नहीं है। ऐसे में सोमवार से ही उद्योग सही मायने में उत्पादन शुरू करने की हालत में होंगे। बताते चलें की पिछले रोज केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में हुई बैठक में ट्रक आपरेटरों की अधिकाश मांगों पर सहमति बनी है। हड़ताल समाप्त होते ही प्रदेश के सबसे बडे़ औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में दोबारा से कारोबार शुरू हो गया है। यहां पर 1800 से ज्यादा उद्योग कच्चा माल न आने और तैयार माल को रखने की जगह के होने के कारण बंद हो गए थे। हड़ताल के चलते 50 फीसदी कामगारों को लंबे अवकाश पर भेज दिया था। हड़ताल खत्म होते ही कामगार ड्यूटी पर लौटना शुरू हो गए हैं। तर्क यूनियन के मुताबिक केंद्रीय वित्त मंत्री पीयूष गोयल ने ट्रक संचालकों की सभी मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया है।  हिमाचल ट्रक फेडरेशन के चेयरमैन विद्या रत्न चौधरी ने बताया कि केंद्र सरकार ने ट्रक संचालकों की सभी जटिल समस्याओं का हल कर दिया है। सरकार ने टोल बैरियर से संचालकों को राहत दी है, वहीं डीजल को जीएसटी के दायरे में लाने की बात कही है। थर्ड पार्टी इंश्योरेंस में 15 फीसदी की छूट दी है। अब प्राइवेट बसों को भी नेशनल परमिट मिल सकेगा। डबल ड्राइवर में छूट दी है। नेशनल हाई-वे पर अब ओवर स्पीड का भी नहीं होगा चालान। चालक व क्लीनर को ईएसआई के दायरे में लाया जाएगा। इवे बिल में ट्रांसपोर्ट का कोई लेना-देना नहीं होता। इसका खामियाजा ट्रासंपोर्ट पर डाला जाता था, लेकिन अब ईवे बिल में ट्रांसपोर्ट व फैक्टरी मालिक, जिसकी भी गलती होगी उस पर पैनेल्टी लगेगी। इसके अलावा सरकार ने इन्कम टेक्स में भी रिबेट दी है।

 

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