पत्नियों को छोड़ने वाले एनआरआई नपेंगे

नई दिल्ली— सरकार शादी करके पत्नियों को छोड़ देने वाले प्रवासी भारतीयों (एनआरआई) को भगोड़ा अपराधी घोषित करने और उनकी संपत्ति जब्त करने के लिए आपराधिक दंड संहिता में बदलाव संबंधी विधेयक संसद के शीतकालीन सत्र में लेकर आएगी।  विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम में बताया कि प्रस्तावित विधेयक में यह व्यवस्था होगी कि यदि किसी एनआरआई ने अपनी पत्नी को छोड़ दिया है और अपना पता बदल लिया है तो वेबसाइट पर उसके नाम का सम्मन जारी करके सम्मन प्राप्त हुआ मान लिया जाएगा। मौजूदा समय में निवासी नागरिकों के लिए स्थानीय अखबारों में सम्मन प्रकाशित कर सम्मन प्राप्त हुआ मान लिया जाता है। उन्होंने बताया कि इसके लिए विदेश मंत्रालय अलग से एक वेबसाइट तैयार कर रहा है, जिस पर सिर्फ विदेशों में रहने वाले भारतीयों के खिलाफ समन और वारंट होंगे। ‘एनआरआई विवाह और महिलाओं एवं बच्चों की तस्करी मसले एवं समाधान’ विषय पर आयोजित सम्मेलन में श्रीमती स्वराज ने कहा कि समन जारी करने के बाद भी अदालत के समक्ष उपस्थित नहीं होने पर आरोपी को भगोड़ा अपराधी घोषित किया जा सकेगा। इसके साथ ही कानूनों में बदलाव करके पत्नियों को छोड़ देने वाले एनआरआई पतियों की देश में संपत्ति जब्त करने का भी प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस विधेयक की भाषा तय हो चुकी है। विधि एवं न्याय मंत्रालय उन धाराओं की पहचान कर चुका है, जिनमें बदलाव करने हैं। जल्द ही इसका प्रारूप मंत्रिमंडल की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा और अगले सत्र में गृह मंत्रालय विधेयक संसंद में पेश करेगा।

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