पशुशाला जमींदोज, मलबे में दबी बकरियां

संगड़ाह -उपमंडल संगड़ाह में गुरुवार को भारी बारिश अथवा भू-स्खलन के चलते एक ओर जहां क्षेत्र के नदी-नाले उफान पर रहे। गांव कड़ोली में एक पशुशाला तथा घाटों में एक मकान भू-स्खलन की चपेट में आ गए। संगड़ाह कस्बे के साथ लगते गांव कड़ोली के जोगिंद्र सिंह की पशुशाला भू-स्खलन से जमींदोज हो जाने से इसमें रखी गई छह में से दो बकरियां दबकर मर गई। ग्रामीणों ने गिरती पशुशाला से अन्य चार बकरियों को बड़ी मुश्किल से जोखिम उठाकर जिंदा निकाल लिया। साथ मौजूद उनके मकान की सुरक्षा दीवार गिर चुकी है तथा आवासीय भवन पर भू-स्खलन का खतरा बरकरार है। उपमंडल के गांव घाटों के फागू राम के आवासीय मकान का रसोई घर व बाथरूम भी गुरुवार को भू-स्खलन से जमींदोज हो गए तथा मकान में भी दरारें आ गई है। फागू राम के पुत्र सोहन सिंह ने बताया कि मकान के गिरने के खतरे को देखते हुए उनका परिवार पड़ोसियों के घर रह रहा है तथा अब तक प्रशासन की ओर से कोई भी कर्मचारी नुकसान का जायजा लेने नहीं पहुंचा है। भारी बारिश के चलते क्षेत्र के बड़ग, जुबाला, नैट, गिरि व पालर आदि नदी-नालों में आई बाढ़ के चलते साथ लगते इलाके में काफी भूमि कटाव हुआ तथा कई सड़कें व रास्ते बंद हो गए। तहसील कार्यालय संगड़ाह से प्राप्त जानकारी के अनुसार गुरुवार सुबह 10 बजे तक यहां में 65 एमएम बारिश रिकार्ड की गई तथा अगले 24 घंटे बाद बारिश का आकलन शुक्रवार सुबह 10 बजे किया जाएगा। एसडीएम संगड़ाह राजेश धीमान ने कहा कि कड़ोली गांव में ध्वस्त पशुशाला तथा घाटों में क्षतिग्रस्त रसोई अथवा मकान के नुकसान के आकलन के लिए संबंधित पटवारियों को भेजा गया है। उन्होंने कहा कि प्रशासन भू-स्खलन, बरसात अथवा प्राकृतिक आपदा से होने वाले नुकसान के प्रति स्तर्क है तथा समय-समय पर उपायुक्त सिरमौर को रिपोर्ट भेजी जा रही है।

 

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