पेंशनर्ज के लिए होगा अलग फंड

परिवहन मंत्री गोविंद ठाकुर बोले, रिटायर्ड कर्मियों के लंबित भत्तों का होगा भुगतान

बिलासपुर— हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के पेंशनर्ज के लंबित भुगतान के लिए एक अलग फंड बनाया जाएगा। इस फंड में हर माह में सात फीसदी राशि डाली जाएगी। ऐसे में आने वाले समय में धीरे-धीरे सभी रिटायर्ड कर्मियों के लंबित भत्तों का भुगतान किया जाएगा। पेंशनर्ज को पेश आ रही भुगतान संबंधी दिक्कतों को मध्यनजर रखते हुए यह अहम निर्णय लिया गया है। यह खुलासा बिलासपुर में कारगिल विजय दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में शिरकत करने पहुंचे वन, परिवहन एवं खेल मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने किया। उन्होंने बताया कि इस समय निगम की हालत बहुत पतली है और पौने तीन सौ करोड़ का लोन है। उन्होंने बताया कि भविष्य में लंबे रूटों पर अब एसीयुक्त बसें ही खरीदी जाएंगी। यात्रियों के सफर को आरामदायक व सुहाना बनाने के लिए यह निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही हर छह महीने बाद कैंप लगाकर सभी चालकों की नियमित रूप से मेडिकल जांच की जाएगी, जिसमें मेडिकल स्पेशलिस्ट के साथ ही साईकोलॉजिस्ट से भी चालकों का चैकअप करवाया जाएगा। गोविंद सिंह ठाकुर के अनुसार निगम में बेहतर परफार्मेंस देने वाले चालकों, परिचालकों और मेकेनिक के लिए इनामी राशि तय की गई है। पूरे प्रदेश में इसे प्रतियोगिता के रूप में प्रभावी बनाकर कर्मचारियों को प्रथम रहने पर एक लाख, द्वितीय को 75 हजार और तृतीय स्थान पर रहने वाले 50 हजार की राशि सुनिश्चित की गई है। उन्होंने बताया कि 50 नई इलेक्ट्रिक बसें खरीदी जाएंगी, जबकि कांगड़ा-धर्मशाला के लिए दस नई बसें खरीदने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही प्रदेश में कार्यरत निगम की वर्कशॉप की हालत सुधारने के साथ ही चालक परिचालकों के लिए प्रदेश और बाहरी राज्यों के बस अड्डों में बनाए गए रेस्टरूम को सुविधाओं से लैस किया जाएगा। इस बाबत चंडीगढ़ व दिल्ली सहित बाहरी राज्यों में स्थापित अन्य बस अड्डों में स्थापित रेस्टरूम का जायजा लेने के बाद प्रबंधन को विशेष निर्देश जारी किए गए हैं।

हाईटेक होगा परिवहन विभाग

परिवहन मंत्री ने बताया कि परिवहन विभाग को अब हाईटेक बनाया जाएगा, जिसके लिए सभी आरटीओ कार्यालयों को ऑनलाइन करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सभी कार्यालयों में आरटीओ और एमवीआई की स्थायी नियुक्तियां की जाएंगी।

शक्तिपीठों के लिए सुविधा जल्द

हिमाचल के शक्तिपीठों के लिए श्रद्धालुओं को विशेष परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी, जिसके लिए योजना बना ली गई है। इसके अलावा प्रदेश में ऑटोमेशन एंड ट्रांसपोर्टेशन सुविधा उपलब्ध करवाने के मद्देनजर 184 करोड़ रुपए की डीपीआर तैयार की गई है।

You might also like