बारिश से राज्य की 73 सड़कें बंद

नदी-नाले उफान पर, आज भी कई जगह कहर बरपाएगा मौसम

 शिमला — हिमाचल में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भारी बारिश से नदियां उफान पर हैं। नालों में जल स्तर बढ़ने जगह-जगह खतरा बना हुआ है। भू-स्खलन से राज्य में गुरुवार को 73 सड़कें आवाजाही के लिए ठप रहीं। मौसम विभाग की मानें तो राज्य के मैदानी इलाकों सहित शिमला, कुल्लू, मंडी, सोलन, सिरमौर और चंबा में शुक्रवार को अनेक स्थानों पर बारिश होगी और पहली अगस्त तक मौसम का यही रुख बना रहेगा। प्रदेश में बैजनाथ, पांवटा साहिब, धर्मशाला, गगल एयरपोर्ट व पालमपुर में 100.0 मिलीमीटर से अधिक बारिश रिकार्ड की गई है। बैजनाथ में सबसे अधिक 147.0 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। इसके अलावा पांवटा साहिब में 139.0, धर्मशाला में 134.0, गगल में 133.0, पालमपुर में 120.0, नाहन में 96.0, बंगाड़ा में 88.0, संगड़ाह में 79.0 व गुलेर में 59.0 मिलीमीटर बारिश हुई है। गुरुवार को सोलन में सर्वाधिक 79.0 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि शिमला में 47.0, मंडी में 46.0, कसोल में 48.0, कुफरी में 43.0, ततापानी में 37.0, बिलासपुर में 37.0, डलहौजी में 29.0 और भुंतर में 21.0 मिली मीटर बारिश हुई। बारिश के अधिकतम तापमान में एक से नौ डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई है। केलांग व भुंतर में सबसे ज्यादा 9.0 डिग्री पारा लुढ़का है। ऊना में 8.0, हमीरपुर में 7.0, बिलासपुर में 6.0, सोलन, कांगड़ा में 5.0, कल्पा में 4.0, शिमला व डलहौजी में 2.0 डिग्री तक तापमान लुढ़का है।

2001 में भी आई थी भयंकर बाढ़

वर्ष 2001 में भी इसी नदी में बाढ़ आने से खूब तबाही हुई थी। इससे अर्द्धनारीश्वर मंदिर सहित कई घराट पानी में बह गए थे। इसके बाद 2005 में ब्रहगंगा प्रोजेक्ट का पावर हाउस भी बाढ़ के कारण मलवे में दब गया था। अब गुरुवार को फिर से मची ब्रहगंगा नदी में आई बाढ़ के चलते तबाही के चलते लोग फिर से सहम उठे हैं।

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