बीबीएन के 300 कारखाने ठप

ट्रकों की हड़ताल से कच्चा माल खत्म होने पर लटके ताले, घर भेजे कामगार

बीबीएन — ट्रक आपरेटरों की देशव्यापी हड़ताल ने प्रदेश के उद्यमियों की कमर तोड़ दी है,कच्चे माल की कमी और तैयार माल की डिलीवरी न होने से उद्योगों को रोजाना करोड़ों का नुकसान झेलना पड़ रहा है। हालात यह है कि  कच्चे माल की किल्लत से जूझ रहे बीबीएन के 2200 से ज्यादा उद्योगों में से अनुमानित 300 उद्योगों ने उत्पादन बंद करते हुए कामगारों को छुट्टी पर भेज दिया है। उद्योगपतियों का कहना है कि उद्योगों में कच्चा माल खत्म हो चुका है, ऐसे में उत्पादन पुरी तरह से ठप हो गया है। बीबीएन के 70 फीसदी से ज्यादा उद्योगों में मात्र एक दो दिन तक उत्पादन चलाए रखने के लिए कच्चा माल बाकी बचा है, ऐसे में अगर हड़ताल समाप्त नही हुई तो क्षेत्र के 2200 से ज्यादा उद्योगों पर ताले लटक जाएगें। बुधवार को ट्रक आपरेटरों की हड़ताल छठे दिन में प्रवेश कर गई है , इस कारण अब तक बीबीएन के उद्योगों को 1500 करोड़ से ज्यादा का चूना लग चुका है। नालागढ़ ट्रक आपरेटर यूनियन के प्रधान विद्या रतन चौधरी ने बताया कि हड़ताल से ट्रक आपरेटरों को करीब 12 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हो चुका है। उन्होंने बताया कि जब तक उनकी मांगे नहीं मानी जाती है हड़ताल जारी रहेगी। बद्दी बरोटीवाला व नालागढ़ में कई नामी बहुराष्ट्रीय कं पनियों ने बुधवार को हालात सुधरने तक शटडाउन कर दिया है, जबकि लघु उद्योग पहले से ही उत्पादन बंद कर बैठे हैं। फार्मा के अलावा कई एफएमसीजी, स्पेयर पार्ट्स निर्माता, होम एपलासिस , इलेक्ट्रिकल, व पैकेजिंग उद्योग भी उत्पादन बंद कर छुट्टी पर जाने का विचार कर रहे हैं। उद्योगपतियों का कहना है कि केंद्र सरकार को ट्रक यूनियनों से जल्द जल्द  बात कर इस हड़ताल को खत्म करवाना चाहिए वरन अगले कुछ दिनों में रोजर्मरा जरूरत की चीजों की खासी किल्लत हो जाएगी।

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