बीबीएन में डेंगू के पांच नए मरीज डिटेक्ट

नालागढ़ —औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में डेंगू ने पैर पसारने शुरू कर दिए है। बीबीएन के तहत अब डेंगू के रोगियों की संख्या छह हो गई है। 18 मरीजों के किए गए एलीजा विधि से टेस्ट के आए परिणामों में पांच नए मरीज डेंगू पॉजीटिव पाए गए है। मंडयारपुर की महिला रोगी में सबसे पहले डेंगू डिटेक्ट हुआ था, लेकिन अब क्षेत्र में डेंगू के और मरीज डिटेक्ट होने लगे है। नालागढ़ अस्पताल में किए गए टेस्टों में कंबोल नजदीक गंभरपुल, खेड़ा, भांगला, बगलैहड़, रतवाड़ी के समीप छड़ोली गांव के मरीज डेंगू पॉजीटिव पाए गए है। हालांकि जिला अस्पताल प्रशासन की स्पेशल टॉस्क फोर्स की 8 टीमों के 40 सदस्य लोगों में जागरूकता फैलाने में जुटे हुए है, वहीं उपमंडल प्रशासन द्वारा भी बीएमओ की अगुवाई में चार सदस्यीय टीम गठित की हुई है, लेकिन डेंगू के मामले प्रकाश में आ रहे है। जानकारी के अनुसार औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन में डेंगू ने दस्तक दे दी है और डेंगू के अब तक छह मामले पाजीटिव पाए गए है। अस्पताल में प्रतिदिन मरीज उपचार करने के लिए आते है और मरीजों के टेस्ट एलीजा विधि से होते है, जिनमें अब तक छह मरीज डेंगू के पाए गए है। बताया जाता है कि एलीजा विधि से होने वाले टेस्ट में ब्लड के सैंपल लिए जाते है, जिसमें ब्लड की रिपोर्ट पहले आ जाती है, जिसमें प्लेटलेट्स कम पाए जाने पर मरीज का उपचार आरंभ कर दिया जाता है। डेंगू बीमारी अलग किस्म के मच्छरों के काटने से फैलती है और मच्छर खड़े साफ पानी में पनपते है, जो बाद में लोगों के शरीर को काटते है और उन्हें डेंगू बीमारी हो जाती है। बीएमओ नालागढ़ डा. केडी जस्सल ने कहा कि नालागढ़ अस्पताल में एलीजा विधि से हुए टेस्टों की रिपोर्ट के तहत अब तक छह मामले डेंगू पॉजीटिव डिटेक्ट हुए है। उन्होंने कहा कि 8 टीमों के 40 सदस्य लोगों को इसकी रोकथाम के प्रति जानकारी प्रदान कर रहे है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वह अपने आसपास पानी को खड़ा न होने दें और घरों में रखे फूलदान, कूलरों, टयूब टायरों आदि में पानी खड़ा न होने दें।

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