भट्टाकुफर फल मंडी खाली

ढुलाई के लिए ट्रक न मिलने पर आढ़तियों ने लिया कड़ा फैसला,सेब न तोड़ें बागबान

शिमला  – प्रदेश की सबसे बड़ी फल मंडी (भट्टाकुफर) में शनिवार को सेब और सब्जी का कारोबार बंद रहेगा। ट्रक आपरेटरों द्वारा सेब व सब्जियों की ढुलाई के लिए वाहनों के न मिलने पर मंडी को बंद रखने का निर्णय लिया गया है। हालांकि शुक्रवार को बागबानों के आग्रह पर ढली फल मंडी में सेब सहित सब्जियों की खरीद-फरोख्त हुई, मगर ढली फल मंडी आढ़ती एसोसिएशन ने बागबानों के आग्रह पर केवल एक दिन ही सेब सब्जियां खरीदने का फैसला लिया गया था। ऐसे में शनिवार को फिर से फल मंडी में कारोबार बंद रहेगा। आढ़ती एसोसिएशन के पदाधिकारियों का कहना है कि हड़ताल के चलते उन्हें ढुलाई के लिए वाहन नहीं मिल रहे हैं।  आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष हरीश ठाकुर का कहना है कि ट्रक आपरेटरों ने सेब ढुलाई के लिए वाहन उपलब्ध करवाने से इनकार कर दिया है। ऐसे में बाहरी राज्यों से फल मंडी में पहुंचे खरीददार भी सेब खरीदने को तैयार नहीं हैं, जिसके चलते शनिवार को फल मंडी में कारोबार बंद रहेगा। दूसरी ओर उपायुक्त शिमला ने इस दौरान ही फल मंडी भट्टाकुफर का भी निरीक्षण किया और ट्रांसपोर्टर्ज से विस्तृत बातचीत की। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक शिमला ओमापति जम्वाल भी उपस्थित थे।

बागबानों ने सेब तुड़ान किया बंद

ट्रक आपरेटरों की हड़ताल के चलते उपजे विवाद के बीच बागबानों ने सेब तुड़ान बंद कर दिया है। बागबानों का कहना है कि इस विवाद में कहीं उन्हें नुकसान न झेलना पड़े। इसलिए उन्होंने सेब तुड़ान कार्य बंद कर दिया है। स्थिति  सामान्य होने पर ही वह तुड़ान कार्य आरंभ करेंगे।

पंजाब-दिल्ली तक पड़ेगी मार

भट्टाकुफर मंडी हिमाचल समेत पंजाब,दिल्ली जैसे राज्यों तक अपना बड़ा प्रभाव रखती है। रोजाना यहां 10000 के करीब सेब बाक्स पहुंच रहे हैं,जो आज नहीं आएंगे। इसी तरह सब्जी की 28 के करीब पिकअप गाडि़यां आती हैं। दूसरे राज्यों के कई शहर इस मंडी पर डिपेंड हैं। आज शनिवार को मंडी ठप पड़ने से फल और सब्जी का बड़ा संकट पैदा हो सकता है,वहीं एप्पल सीजन में तुड़ान को तैयार सेब बर्बादी की कगार पर पहुंच जाएगा।

ढली में बिके 25-30 हजार बॉक्स

गुरुवार को एक दिन फल मंडियों में कारोबार बंद रहा। बागबानों के आग्रह पर शुक्रवार को मंडियों में कारोबार हुआ। ढली फल मंडी में एक ही दिन में सेब-नाशपाती के 25 से 30 हजार बाक्स बिके। इतना ही नहीं बागबानों को फसल के अच्छे दाम भी मिले। फल मंडी में स्पर व नाशपाती के बाक्स 2800 हजार, रायल सेब 2300-2400 रुपए के हिसाब से बिके।

You might also like