भूतबंगला बने निगम के होटल

खस्ताहालत के चलते मुंह मोड़ रहे सैलानी, घाटे से उबरने को लीज पर दिए

कुल्लू  – सीएम साहब…आखिर कब तक पर्यटन निगम घाटा सहता रहेगा, क्योंकि निगम के पास कई ऐसे होटल भी हाईवे पर स्थित है। जो कि आज के दौर में किसी खंडर से कम नहीं है। शायद यही कहना चाहते है जिला कुल्लू के पर्यटन निगम के होटल। जी हां, देश विदेश से कुल्लू-मनाली घूमने आने वाले सैलानियों की संख्या लाखों में करीब दो माह के बीच अधिक रहती है। अधिकतर सैलानी पर्यटन निगम के होटलों में ही रूकना पसंद करते है। लेकिन यहां निगम के अधिकतर होटलों की हालत  इतनी दयनीय हो चुकी है कि वह होटल कम और खंडर  ज्यादा बन चुके है। यही बजह है कि निगम जब इन होटलों को चला नहीं पाता है तो इन्हें लीज पर दे दिया जाता है। बता दें कि पर्यटन महकमा हमेशा से राज्य के मुख्यमंत्री के पास रहता है। लेकिन पिछले कुछ सालों से प्रदेश में जिस भी पार्टी की सरकार रही हो, लेकिन आज तक किसी भी मुख्यमंत्री ने कोई खास रुचि पर्यटन निगम के होटलों को सुधारने को लेकर नहीं दिखाई है। ऐसे में निगम का कसोल स्थित होटल बरहाल न्यायालय में विचाराधीन है। लेकिन इसके अलावा अभी तक निगम के दो होटल लीज पर चल रहे है। जिनकी हालत इतनी काफी दयनीय होे गई है। आज हाईवे पर स्थित रायसन का कैपिंग साइट भी हाईवे की भेंट आज आधा चढ़ गया है।  कटराइ का एंग्लोवैंगलोभी डेढ़ साल से अभी तक खाली ही चल रहा है।  लीज पर दिया गया था। लेकिन लीज पर लेने वाले कारोबारी ने भी इसे अब छोड़ दिया है।

You might also like