मंडी में गरजे मिड -डे -मील वर्कर

मागें पूरी न होने पर सेरी मंच पर 24 घंटे का धरना शुरू, हक न मिलने पर जारी रहेगा संघर्ष

मंडी – सीटू से संबंधित मिड -डे -मील वरकर्ज यूनियन द्वारा शुक्रवार को अपनी मांगों के लिए मंडी में प्रदर्शन किया और डीसी मंडी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। प्रदर्शन का नेतृत्व सीटू के जिला प्रधान भूपेंद्र सिंह, महासचिव राजेश शर्मा, मिडडे मील वरर्कज यूनियन के जिला प्रधान रमेश कुमार, सचिव संतोष कुमारी, चमन लाल, सत्यादेवी, चिंत राम, दया राम, रीना देवी, कश्मीरी देवी, निरंजना देवी और पवना देवी इत्यादि ने किया। इस दौरान मिड डे मील वर्कर ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार नारेबाजी की और सरकार पर मिड डे मील वर्कर की अनदेखी का आरोप लगाया। वहीं इसके साथ ही मिड डे मील वर्कर यूनियन  24 घंटे के धरने पर भी बैठ गई है। यूनियन के प्रधान राजेश ने बताया कि सभी कार्यकर्ता कल 28 जुलाई तक सेरी मंच पर धरना देगें। वहीं मुख्यमंत्री को भेजे गए मांगपत्र में यूनियन ने सरकार से मांग की है कि मिडडे मील वरकरों को सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम छः हजार रुपए वेतन दिया जाये। वर्तमान में सरकार केवल 1500/- रुपए ही मानदेय दे रही हैं। इसके अलावा 12 महीनों का वेतन दिया जाए, जबकि वर्तमान में 10 महिनों का दिया जाता हैं। सीटू जिला प्रधान भूपेंद्र सिंह ने कहा कि दोपहर भोजन योजना को चले हुए 14 वर्ष हो चुके हैं ,लेकिन सरकार ने इन वरकरों को अभी तक रैगूलर करने की कोई पॉलिसी नहीं बनाई हैं और अब तक बच्चों की संख्या 25 से कम होने पर उनकी छंटनी की जा रही हैं। सरकार इन मजदूरों को किसी प्रकार की छुट्टी नहीं देती हैंऔर यदि कोई कार्यकर्ता बीमार हो जाये तो उसे अपने बदले में घर से किसी दूसरे व्यक्ति को खाना बनाने के लिए भेजना पड़ता है। पेंशन, प्रसुता अवकाश, सेवानिवृति लाभ, बीमा और वर्दी का प्रावधान किया जाए। उन्होंने कहा कि इसके अलावा केंद्र सरकार से इस योजना के लिए बजट बढ़ाने और वरकरों को मजदूर घोषित करने की मांग को लेकर 5 सितंबर को दिल्ली में प्रदर्शन व रैली की जाएगी।

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