मनाली के 35 होटल संचालकों को नोटिस

टीसीपी नियमों की धज्ज्यिं उड़ाने पर फंसे, प्रशासन एनजीटी को भेजेगा रिपोर्ट

मनाली— मनाली के 35 होटल संचालकों को एनजीटी ने नोटिस थमा दिए हैं। नियमों की धज्जियां उड़ाने पर यह कार्रवाई हुई है। यही नहीं, शहर में सबसे ज्यादा वाइलेशन जिस विभाग की पाई गई वह टीसीपी की है। होटलियर्ज ने टीसीपी नियमों को ताक पर रख जहां बहुमंजिला इमारतें बना डाली हैं, वहीं अब यही बिल्डिंगे उनके लिए गले की फांस बन गई हैं। एनजीटी की टीम ने मनाली के 45 होटलों की जांच की, जिसमें करीब 35 होटल इकाइयों को डिफाल्टर पाया गया। ऐसे में टीम ने संबंधित विभागों से तुरंत इन होटल इकाइयों को नोटिस जारी करवा दिए हैं। मनाली में एनजीटी के आदेशों के तहत होटल इकाइयों की हो रही जांच में यह खुलासा भी सामने आया है कि अधिकतर होटल बिना परमिशन के ही चल रहे हैं। ऐसे में प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होते हैं। इसके अलावा मनाली शहर में धड़ाधड़ किए गए होटलों के निर्माण में दीवार के साथ दीवार जोड़ जहां शहर को कंकरीट में बदल दिया गया है, वहीं टीसीपी के नियम भी यहां लागू नहीं किए गए हैं। ऐसे में मनाली में ग्राउंड फ्लोर पर जहां पार्किंग के साथ चार मंजिल बिल्डिंग बनाने की अनुमति टीसीपी से असानी से मिलती है, वहीं यहां पर होटलियर्ज ने सात मंजिला होटल खड़े कर दिए हैं। ऐसे में एनजीटी की जांच में इन होटलियर्ज पर भी अब कार्रवाई करीब-करीब तय है। बताया जा रहा है कि प्रशासन अब तक मनाली के 150 होटलों की जांच कर चुका है और इस फेहरिस्त में पांचवीं रिपोर्ट तैयार कर रहा है। 16 जुलाई को एनजीटी में होने वाली सुनवाई को लेकर प्रशासन ने साफ कहा है कि अगामी जो आदेश एनजीटी के होगी प्रशासन उन आदेशों के तहत कार्रवाई करेगा।

सील हो सकते हैं होटल

होटलों की जांच में यह भी खुलास हुआ है कि कुछ संचालकों ने होटलों के कम कमरों का पंजीकरण करवाया है,जबकि मौके पर अधिक कमरे पाए गए हैं। ऐसे में इन होटल संचालकों पर भी एनजीटी की गाज गिरना तय है। कुछ होटलों ने रिकार्ड में 13 कमरे बताए हैं, जबकि हैं 25 कमरे। एनजीटी बहुमंजिला होटलों की उन मंजिलों को भी सील कर सकता है, जो बिना अनुमति के बनाई गई हैं।

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