मर्डर केस का जांच अधिकारी सस्पेंड

पक्का परोह् हत्या प्रकरण में महीने बाद भी किसी नतीजे पर नहीं पहुंचा था अफसर

हमीरपुर— पुलिस थाना हमीरपुर के तहत पक्का परोह् में हुए मर्डर केस की जांच कर रहे अधिकारी को सस्पेंड कर दिया है। एक महीने बाद भी जांच अधिकारी किसी नतीजे पर नहीं पहुंच सका। हालांकि मामला पुलिस अधीक्षक के समक्ष आने के कुछ दिन बाद ही हत्या मामले के दोनों आरोपी पुलिस की पकड़ में आ गए। इस तरह जांच अधिकारी की कार्यशैली संदेह के घेरे में थी। एसपी ने तुरंत प्रभाव से इसे सस्पेंड कर मामले का नया जांच अधिकारी एसएचओ सदर संजीव गौत्तम को लगाया है। निरीक्षण में पाया गया कि पूर्व में लगे जांच अधिकारी ने जानबूझ कर मामले को लटकाए रखा। एक महीने बाद भी वह किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाया था,जबकि मृतक की पत्नी की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच के कुछ ही दिन में दोनों आरोपी पुलिस ने हिरासत में ले लिए। जांच कार्य में देरी करने पर जांच अधिकारी लगाए गए हैड कांस्टेबल को सस्पेंड किया गया है।  बता दें कि पक्का भरोह् में दो लोगों ने एक व्यक्ति का मर्डर किया है। दो लोगों मंगल और मुकेश निवासी उत्तर प्रदेश ने एप्रबल नामक व्यक्ति से 11 जून को मारपीट की। इसके बुरी तरह से पीटा। हालत नाजुक देख हमीरपुर अस्पताल के चिकित्सकों ने व्यक्ति को पीजीआई रैफर कर दिया था। यहां उपचार के दौरान चार दिन बाद 15 जून को व्यक्ति की मौत हो गई। मौत से पहले व्यक्ति ने पूरी बात पत्नी का बता दी।   मामले में जांच अधिकारी लगाए गए हैड कांस्टेबल एक महीने पर भी किसी नतीज पर नहीं पहुंचे। मामला उलझता देख मृतक की पत्नी पुलिस अधीक्षक के समक्ष पहुंच गई। इसके बाद नए सिरे से मामले की जांच शुरू हुई। जब मौके पर जाकर देखा तो घटना का चश्मदीद भी मिल गया। ऐसे में हैड कांस्टेबल का कार्य संदेह के घेरे में आ गया। बाद में पुलिस अधीक्षक ने इसे तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। अब मामले की जांच का जिम्मा थाना प्रभारी हमीरपुर संजीव गौत्तम का सौंपा गया है। दोनों आरोपियों को 30 जुलाई तक पुलिस रिमांड मिला है। पुलिस अधीक्षक हमीरपुर रमन कुमार मीणा ने बताया कि मामले में लगाए गए जांच अधिकारी को सस्पेंड किया गया है। इसके कार्य में अनियमितता पाई गई है। अब मामले की जाचं एसएचओ सदर संजीव गौत्तम करेंगे।

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