यमुना-गिरि-बाता नदी उफान पर

बारिश और डैम से पानी छोड़े जाने पर बढ़ा नदियों का जलस्तर

पांवटा साहिब – पिछले करीब 30 घंटे से जिला में लगातार हो रही बारिश से पांवटा साहिब की यमुना, गिरि व बाता नदी उफान पर है। जटोन डैम और डाकपत्थर बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण तीनों नदियों के जल स्तर में भारी बढ़ौतरी हुई है। पांवटा से होकर गुजर रही यमुना नदी का जल स्तर भी शुक्रवार को ज्यादा हो गया था। बताया जा रहा है कि ऊपरी इलाकों में बारिश के बाद ईछाड़ी व डाकपत्थर डैम के गेट खोल दिए गए जिससे नदी में पानी का बहाव तेज हो गया। वहीं जटौन डैम से गेट खोले जाने पर गिरि नदी में भी अचानक ही जल स्तर बढ़ गया जिसके कारण गत देर शाम को आठ लोग बीच नदी में फंस गए थे। यही हाल बाता नदी का है। यहां भी पिछले दो दिनों में नदी में पानी बहुत बढ़ गया है। पानी के तेज बहाव के कारण पुराने पुल पर सफर करना खतरे से खाली नहीं था, लेकिन फिर भी वाहनों की आवाजाही बंद नहीं हुई। यह पुल काफी पुराना है और नया बनने में अभी समय लगना है। हालांकि एनएच प्राधिकरण पुल को किसी प्रकार के खतरे की बात से मुकर रहा है। जानकारी के मुताबिक बुधवार से हो रही बारिश से माजरा और मिश्रवाला/जगतपुर पंचायत के बरसाती नाले खड्ड में तबदील हो गए हैं। इसके अलावा पंचायत के शुकीवाला खड्ड में पानी का स्तर बढ़ने से आसपास रहने वाले लोगों के खेतों में पानी भर आया। जगतपुर खाले का पानी आगे के गांव फतेहपुर, चुडुक माजरी आदि में जाकर खेतों में फैल गया है जिससे किसानों को काफी नुकसान होने की संभावना बढ़ गई है। इसके अलावा पीपलीवाला, कुंडियों और कोटड़ी व्यास आदि में भी बारिश के पानी से बरसाती खड्डों में पानी बढ़ने से दिक्कतें सामने आ रही हैं। शुक्रवार को भी पांवटा साहिब में दिन भर रूक-रूक कर बारिश होती रही। उधर, इस बारे एसडीएम नायब तहसीलदार पांवटा निहाल सिंह कश्यप ने बताया कि राजस्व विभाग के अधिकारियों को चौकस रहने के निर्देश दिए गए हैं। जहां पर भी नुकसान की सूचना आती है मौके पर जाकर नुकसान की रिपोर्ट बनाने को कहा गया है, ताकि लोगों को नुकसान का मुआवजा मिल सके। इसके साथ ही लोगों को नदी के किनारों से दूर रहने की सलाह जारी की गई है।

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