रणजीत हनुमान मंदिर

भारत में बहुत से प्राचीन मंदिर विख्यात हैं।  हनुमान जी का एक ऐसा ही मंदिर है, जहां बजरंगबली अनोखे रूप में विराजमान हैं। उन्होंने हाथ में गुर्ज की जगह तलवार पकड़ी है। कहा जाता है कि उस समय के राजा महाराजा लोग युद्ध से पहले उनका आशीर्वाद लेने के लिए आते थे। यह मंदिर इंदौर में रणजीत हनुमान मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। यहां सालभर लोगों का जमावड़ा लगा रहता है। मंदिर की खास बात यह है कि भगवान अपने हाथों में ढाल और तलवार लिए भक्तों को दर्शन देते हैं और उनके चरणों में अहिरावण की प्रतिमा है। ऐसा प्रतीत होता है कि प्रभु खुद युद्ध करने के लिए जा रहे हों।

पौराणिक कथा- एक बार दो राजाओं के बीच युद्ध हुआ और उस लड़ाई में एक राजा जंग हारने की कागार पर था। उसकी सारी सेना मारी जा चुकी थी। अब उसने सोचा कि वह अकेला युद्ध में क्या करेगा। वह वहां से भाग कर भर्तुहरी गुफा में पहुंचा। उस गुफा में एक साधु अपने ध्यान में लीन बैठे थे। जब वह ध्यान से मुक्त हुए, तब उन्होंने राजा से पूछा कि वह कौन है और कहां से आया। तब राजा ने सब वृत्तांत उन्हें सुनाया। महात्मा जी ने उसे रोटी के टुकड़े दिए और कहा कि जब तक ये खत्म नहीं होते, तब तक तुम पीछे नहीं मुड़ना और जहां ये खत्म हो जाएंगे, वहां एक मंदिर मिलेगा। वहीं तुम्हारी मुश्किलों का हल भी होगा। राजा ने वैसा ही किया और जहां टुकड़े समाप्त हुए वहीं पर हनुमान जी का मंदिर था। वह भगवान को प्रणाम करने के लिए अंदर गया और जैसे ही वह वहां से निकला, तो भारी सेना उसका पीछा करने लगी, लेकिन इस बार भागने की बजाय वह युद्ध लड़ा और उसने जीत भी हासिल की। तब से इस मंदिर में लोग अपनी मुसीबतों का हल ढूंढने  आते हैं और उन्हें इस मंदिर में हर मुश्किलों से छुटकारा भी मिलता है। लोगों की इस मंदिर में गहरी आस्था व श्रद्धा है।

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