रविंद्र मेहता चुने कर्मियों के चीफ

शिमला —अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ को लेकर अभी तक गफ्लत की स्थिति चल रही है। जोगटा गुट जिसे पूर्व सरकार की मान्यता थी उसने अभी चुनाव नहीं करवाए हैं। वहीं, सुरेंद्र गुट ने पहले ही चुनाव लिए, लेकिन इनको भी मान्यता नहीं मिली है। ऐेसे में शनिवार को महासंघ की तदर्थ कमेटी को समाप्त करके विनोद कुमार ने भी चुनाव करवा डाले। शिमला जिला में रविंद्र मेहता को जिला अध्यक्ष के रूप में कमान सौंपी गई है। यहां करीब 80 से ज्यादा प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कालीबाड़ी हाल में हुए चुनाव की प्रक्रिया सुबह से शुरू हो गई और कुछ महत्वपूर्ण पदों पर ही चयन किया जा सका। शेष कार्यकारिणी का विस्तार बाद में किया जाएगा। शिमला जिला के बाद अब कांगड़ा और ऊना जिला के चुनाव शेष रह गए हैं जहां पर भी अगले सप्ताह चुनावी प्रक्रिया पूरी करने की बात कर्मचारी नेता विनोद कुमार ने कही है। इसके साथ प्रदेश के चुनाव भी करवाए जाएं, जिसमें प्रदेश स्तरीय कार्यकारिणी चुनकर आएगी। अब देखना यह है कि क्या जयराम सरकार विनोद कुमार के महासंघ को मान्यता देता है या फिर नहीं। उनका दावा है कि उन्होंने संवैधानिक तरीके से चुनाव करवाए हैं। वैसे बता दें कि हाल ही में सरकार ने विनोद कुमार को नौकरी में बहाली दी है, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि उनकी सरकार में पैठ है। इसका फायदा उठाते हुए शनिवार को शिमला जिला के चुनाव हुए हैं, जिसके बाद सरकार को ये महासंघ अपना दावा पेश करेगा। विनोद कुमार का कहना है कि तदर्थ कमेटियां बनाई गई थीं, जिसे सभी जिलों में भंग कर दिया गया है। तदर्थ कमेटी के अध्यक्ष रहे विनोद कुमार का कहना है कि सुरेंद्र गुट पूरी तरह से खत्म हो चुका है। उनकी संबद्धता राष्ट्रीय राज्य कर्मचारी महासंघ से है, जिसे यहां अराजपत्रित कर्मचारी नहीं मानते।

इनको मिली जिम्मेदारी

अध्यक्ष रविंद्र मेहता, हरि सिंह ठाकुर वरिष्ठ उपाध्यक्ष, गोविंद ब्राक्टा महासचिव, मनोज कुमार, शीला चंदेल उपाध्यक्ष, जोगिंद्र द्रैक उपाध्यक्ष रामपुर ब्लॉक, दविंद्र प्रेमी रोहडू ब्लॉक उपाध्यक्ष, रोशन लाल उपाध्यक्ष शिमला, नवल किशोर कोषाध्यक्ष, कर्ण सिंह संयुक्त सचिव व प्रेम चंद शर्मा प्रेस सचिव चुने गए हैं।

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