राशन डिपुओं से तेल-चीनी गायब

नहीं पहुंची इस महीने की सप्लाई, बाजार से खरीद रहे राशन

शिमला— प्रदेश के राशन डिपुओं से खाद्य तेल व चीनी गायब हो गई है। जुलाई माह गुजर रहा है, लेकिन अभी तक डिपुओं में इनकी सप्लाई नहीं पहुंची है। इसके चलते लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। लोग डिपुओं से खाली हाथ घर लौट रहे हैं। लोगों को खाद्य तेल व चीनी महंगे दामों पर बाजार से खरीदनी पड़ रही है। राज्य के राशन के डिपुओं में इन दिनों चीनी व खाद्य तेल नहीं मिल रहा। डिपुओं में अभी तक जुलाई माह की सप्लाई डिपुओं में नहीं पहुंची है। राज्य सरकार मौजूदा समय में चीनी लोगों को सस्ते दाम पर खुद उपलब्ध करवा रही है। केंद्र सरकार द्वारा सबसिडी खत्म करने बाद राज्य सरकार खुद सबसिडी दे रही है। पहले राज्य सरकार लोगों को 29 रुपए प्रति किलो के हिसाब से चीनी उपलब्ध करवा रही थी। हालांकि सरकार ने अब इसके दामों में पांच रुपए की कटौती की है। इसके बाद अब गरीबी रेखा से ऊपर रह रहे परिवारों (एपीएल ) को चीनी 24 रुपए प्रति किलो और राष्ट्रीय खाद्य कानून के तहत कवर होने वाले गरीबी रेखा से नीचे व अन्य परिवारों को यह 13 रुपए प्रति किलो के हिसाब से दी जानी है, लेकिन अभी तक नए रेट की यह सप्लाई डिपुओं में नहीं पहुंची है। इसके चलते लोग बाजार से चीनी खरीद रहे हैं। वहीं डिपुओं में खाद्य तेल भी नहीं है। सरकार ने डिपुओं में सरसों के साथ-साथ रिफाइंड का तेल उपलब्ध करवाने का प्रावधान कर रखा है। ऐसे में लोगों के सामने सरसों व रिफाइंड तेल खरीदने का विकल्प है। डिपुओं में सरसों का तेल 70 रुपए और रिफाइंड तेल 73 रुपए निर्धारित किया गया है, लेकिन कोई भी तेल डिपुओं में नहीं मिल रहा। लोगों का कहना है कि कई डिपुओं में जो तेल व चीनी कई जगह दी जा रही है, वह पिछले माह की है। जून माह का तेल और चीनी लोगों को दी जा रही है। ऐसे में लोग बार-बार डिपुओं के चक्कर लगातार काट रहे हैं। कई लोग डिपो धारकों से इसको लेकर उलझ रहे हैं। उल्लेखनीय है कि केंद्र सरकार सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशनकार्ड धारकों को चावल और गेहूं अनुदान पर मुहैया करवा रही है। वहीं हिमाचल सरकार ने अपने स्तर पर लोगों को महंगाई से राहत देने के लिए खाद्यान सबसिडी योजना लागू की है।

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