रेपिस्ट को दस साल कैद, 30 हजार जुर्माना

 धर्मशाला —जिला मुख्यालय धर्मशाला के समीपवर्ती क्षेत्र की एक नाबालिग युवती को घर से भगाने और उसके साथ दुष्कर्म करने का दोष सिद्ध होने पर न्यायालय ने दोषी को दस वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही दोषी को 30 हजार रुपए जुर्माना भी भरना होगा। शनिवार को न्यायाधीश राजेश तोमर की विशेष अदालत ने दोषी को यह सजा सुनाई है। जिला उपन्यायावादी कपिल देव शर्मा ने बताया कि यह मामला 11 दिसंबर, 2013 को पुलिस थाना धर्मशाला में दर्ज हुआ था। पुलिस को दी गई शिकायत में धर्मशाला के समीपवर्ती क्षेत्र की एक महिला ने आरोप लगाया था कि उसकी नाबालिग बेटी को उन्हीं का पड़ोसी अजय कुमार भगाकर ले गया है। पुलिस ने इस संदर्भ में मामला दर्ज करके आगामी छानबीन शुरू की। इसी दौरान 15 दिसंबर 2013 को पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि अजय उक्त युवती को लेकर श्यामनगर की तरफ जा रहा है। पुलिस ने मौके पर जाकर दोनों को पकड़ लिया। युवती की मां ने युवती की पहचान की जिसके बाद युवती की मां की सहमति पर पुलिस ने युवक और युवती का मेडिकल करवाया। वहीं, नाबालिग युवती के ब्यान भी जुवेनाइल यूनिट के कमरे में उसकी मां की मौजूदगी में दर्ज किए गए। पुलिस छानबीन में यह बात भी सामने आई कि दोषी ने युवती के साथ शारीरिक संबंध भी बनाए हैं, जिसकी पुष्टि मेडिकल और फोरेंसिक रिपोर्ट में भी हुई। युवती की सही उम्र पता करने के लिए पुलिस ने उसके स्कूल से उसकी जन्मतिथि का रिकार्ड हासिल किया, जिसमें युवती की जन्मतिथि 13 अक्तूबर 1997 पाई गई। वहीं एक्स-रे और डेंटल रिपोर्ट में भी युवती की उम्र 18 वर्ष से कम दर्शाई गई। ऐसे में पुलिस ने दोषी के खिलाफ पोक्सो एक्ट के तहत भी मामला दर्ज किया। जिला उपन्यायावादी ने बताया कि मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 13 गवाह पेश किए गए। गवाहों के ब्यानों और पुलिस द्वारा उपलब्ध करवाए गए साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने दोषी को आईपीसी की धारा 363 के तहत तीन वर्ष साधारण कारावास और दस हजार रुपए जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने पर छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा। वहीं अदालत ने छह पोक्सो एक्ट के तहत दोषी को दससाल कठोर कारावास और 30 हजार रुपए जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। जुर्माना राशि अदा नहीं करने पर दोषी को एक वर्ष का अतिरिक्त साधारण कारावास भी भुगतना होगा।

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