लैपटॉप को 37000 कालेज टॉपर्स की लिस्ट तैयार

शिमला— हिमाचल सरकार ने स्कूली टॉपर के साथ कालेज टॉपर छात्रों को भी लैपटॉप का तोहफा देने की भले ही घोषणा की हो, लेकिन वर्ष 2018 के टॉपर छात्रों को लैपटॉप का लंबा इंतजार करना पड़ेगा। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार शिक्षा विभाग ने सरकार को फाइल सौंपने के लिए वर्ष 2017 के टॉपर छात्रों का ही प्रोपोजल तैयार किया है। शिक्षा विभाग की ओर वर्ष 2017 में बीए, बीकॉम, बीएससी और अन्य विषयों में कालेजों में टॉप करने वाले छात्रों की संख्या 37000 है। विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार अगर सरकार पिछले वर्ष के सभी टॉपर छात्रों को लैपटॉप योजना से जोड़े तो इसके लिए सरकार को लगभग 80 करोड़ का बजट खर्र्च करना पड़ेगा। वहीं  शिक्षा विभाग की ओर से बनाए गए प्रोपोजल से एक बार फिर असमंजस की स्थिति पैदा हो गई है कि अब किस वर्ष के टॉपर छात्रों को लैपटॉप दिए जाएंगे, जबकि इससे पहले यह कहा जा रहा था कि इस वर्ष के टॉपर छात्रों से ही मुख्यमंत्री लैपटॉप योजना कालेजों में शुरू की जाएगी। हैरानी की बात है कि जब सरकार ने साफ किया था कि इस योजना से कालेज छात्रों को भी जोड़ा जाएगा तो ऐसे में शिक्षा विभाग ने इस वर्ष के बजाय पिछले वर्ष के 37000 टॉपर छात्रों का प्रोपोजल किस आधार पर तैयार किया है। उच्च शिक्षा विभाग के कार्यकारी निदेशक अमरजीत सिंह के पास इस प्रोपोजल की फाइल तक पहुंच गई है। वहीं बताया जा रहा है कि विभाग के अधिकारी द्वारा बनाए गए इस प्रोपोजल को फर्स्ट डिवीजन के आधार पर बनाया गया है। प्रदेश भर के सरकारी कालेजों में वर्ष 2017 में 37000 छात्रोें ने कालेज फर्स्ट डिवीजन से पास किया है। विभागीय सूत्र बताते है कि सरकार की ओर से वर्ष 2018 के कालेज टॉपरों की रिपोर्ट मांगी थी। विवि प्रशासन की ओर से रिजल्ट में की जा रही देरी की वजह से ही शिक्षा विभाग ने सरकार को दिखाने के लिए बतौर खानापूर्ति के पिछले वर्ष के टॉपर छात्रों की ही लिस्ट तैयार कर सरकार को भेजने की तैयारी कर दी है। शिक्षा विभाग के विभागीय सूत्र बताते है कि इस साल के जो रिजल्ट प्रदेश विवि की ओर से निकाले गए हैं, वे आधे-अधूरे हैं। सभी छात्रों के रिजल्ट एचपीयू अभी नहीं निकाल पाया है। यही वजह है कि इस वर्ष के टॉपर्स के रिजल्ट को अलग से कंपाइल करने में खासी दिक्कतों का सामना शिक्षा विभाग को करना पड़ रहा है। हालांकि शिक्षा अधिकारियों की ओर से पिछले वर्ष के 37000 कालेज टॉपरों का प्रोपोजल तैयार कर सरकार को भेजा जा रहा हो, लेकिन विभाग ने साफ किया है कि इस पूरे मामले में सरकार की ओर से ही अंतिम फैसला लिया जाएगा कि पिछले वर्ष के टॉपरों को मुख्यमंत्री लैपटॉप योजना से जोड़ना है कि नहीं। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में पहले दसवीं व जमा दो के टॉपर छात्रों को ही लैपटॉप से सम्मानित किया जाता था, लेकिन सरकार अब कालेज के छात्रों को भी इससे लाभान्वित करने की योजना बना रही है। सूत्र बताते हैं कि सरकार की ओर से बनाए गए नए प्लान के तहत पहले चरण में सौ या दो सौ छात्रों को ही इस लैपटॉप प्रदान किए जाएंगे। शिक्षा विभाग की ओर से भेजे जाने वाले प्रोपोजल में से सरकार ही यह तय करेगी कि किन छात्रों को लैपटॉप देने हैं और किन को नहीं देने हैं।

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