वीरभद्र बोले, नाजुक मोड़ पर कांग्रेस संगठन

सुक्खू पर कसा तंज, मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को विभीषणों से बचने की सलाह

नेरचौक— कांग्रेस पार्टी अपने संविधान की पालना न करते हुए आगे बढ़ रही है और संगठनात्मक ढांचे को सुदृढ़ करने के बजाय कमजोर करती जा रही है। गुरुवार को नेरचौक में पत्रकार वार्ता में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने जयराम सरकार को कोई नंबर न देने के बजाय अनुभवहीन करार दिया और कहा कि वह जयराम ठाकुर को सरकार चलाने की शुभकामनाएं देते हैं, मगर उन्हें अपने ही घर में बैठे विरोधियों से सावधान रहना होगा। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सुक्खू पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि संगठन में बिना चुनाव कार्यकर्ताओं में जोश की कमी रहती है, जिस कारण युवा पीढ़ी भी पार्टी के साथ जुड़ने में संकोच करती है। पिछले कई वर्षों से पार्टी की कमान संभाले बैठे सुखविंदर सुक्खू नोमिनेटिड अध्यक्ष हैं। पार्टी की संगठनात्मक स्थिति को नाजुक बताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे ही हालात रहे तो प्रदेश में कांग्रेस का भविष्य दयनीय स्थिति में चला जाएगा। यदि प्रदेश में कांग्रेस मजबूत करना है तो संगठनात्मक ढांचे को चलाने के लिए पार्टी संविधान की अनुपालना अति आवश्यक है। जिला स्तर पर संविधान के प्रक्रिया अपनाते हुए चुनावों द्वारा कार्यकारणियों का गठन जब तक नहीं होगा, तब तक कांग्रेस का भविष्य प्रदेश स्तर पर उज्ज्वल नहीं हो सकता।उन्होंने अपना जीवन सदैव कांग्रेस की मजबूती के लिए समर्पित किया है और आगे भी सच्चे व निडर सिपाही की तरह करते रहेंगे। इस मौके पर विधायक विक्रमादित्य सिंह, प्रकाश चौधरी, सोहन लाल ठाकुर, चेत राम ठाकुर, अमित पाल, हरेंद्र सेन व केशव नायक भी मौजूद रहे।

मकरझंडू से लड़वाएंगे चुनाव

वीरभद्र सिंह ने कहा कि मंडी लोकसभा क्षेत्र मेरी कर्म भूमि है, मैंने अपना पहला चुनाव यहीं से लड़ा था। मैं और मेरा परिवार क्षेत्र की जनता का ऋणी रहेगा। इस मर्तबा न तो मैं चुनाव लडूंगा न ही मेरे परिवार का कोई सदस्य। इस बार कोई मकरझंडू ही लोकसभा चुनाव में उतारा जाएगा।

धूमल अब न सीएम, न एमएलए

वीरभद्र सिंह ने गत रोज पूर्व मुख्यमंत्री द्वारा सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र में विश्राम गृह में सरकारी अधिकारियों की क्लास लगाकर उन्हें निर्देश जारी करने पर कहा कि यह सरासर गलत है। उन्हें समझना चाहिए कि अब वे न तो वे मुख्यमंत्री हैं न ही विधायक।

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