शेर-ए-बंजार को नम आंखों से अंतिम विदाई

बंजार – गुरुवार देर शाम को बंजार के शेरे बंजार के नाम से विख्यात पहले व पूर्व विधायक दिले राम शबाब के आकस्मिक निधन से बंजार घाटी गमगीन हो गई है। शुक्रवार को उनके पैतृक निवास स्थान बुशैहरी गांव के समीप अंतिम विदाई दी गई। 1922 में जन्मे दिले राम शबाब ने अपने राजनीतिक कार्यकाल में बंजार के विकास में अभूतपूर्व योगदान दिया, जिसके चलते उन्हें शेरे बंजार की ख्याति भी मिली थी। औट से लेकर घयागी तक के पुलों का निर्माण करवाने, शिक्षा के क्षेत्र, सड़कों  का निर्माण करवाने के लिए बजट कार प्रबाधान करवाने में अहम योगदान रहा है। इस के अलावा तीर्थन की जलधारा में विश्व विख्यात ट्राउट मच्छी संरक्षण को बल दिया व ग्रेट हिमालयन नेशनल पार्क की स्थापना में भी अहम भूमिका निभाई । जिला कुल्लू बनने वर्ष 1967 में  कांग्रेस पार्टी के बैनर तले उन्होंने बंजार के पहले विधायक के रूप में चुनाव लड़ा व कुल्लू राज घराने से संबंध रखने वाले  राजा महेंद्र सिंह को हराकर बंजार विकास के लिए बंजार विधायक बने। वहीं, दूसरी बार वर्ष 1972 में दोबारा महेंद्र सिंह के खिलाफ चुनाव लड़कर दूसरी बार कांग्रेस बजार विधायक का चुनाव लड़ विधायक पद पर काबिज हुए। लिहाजा, बंजार घाटी ने एक शख्सियत को खो दिया है।   शुक्रवार को बंजार विधायक सुरेंद्र शौरी, एसडीएम बंजार एमआर भारद्वाज सहित अंति संस्कार के दौरान मौजूद रहे।

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