सतलुज-पब्बर से बच के

 शिमला —उपायुक्त शिमला अमित कश्यप ने लोगों से आग्रह किया है कि मानसून को ध्यान में रखते हुए लोग जिला की सतलुज और पब्बर नदी सहित अन्य सभी नदी, नालों व खड्डों से दूर रहें, जिससे किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। उन्होंने कहा कि लगातार वर्षा के कारण नदी, नालों व खड्डों का जल स्तर अचानक बढ़ सकता है, इसलिए लोगों को नदी, नालों व खड्डों के किनारे जाने से बचना चाहिए। उन्होंने लोगों से अपने मवेशियों को भी नदी, नालों व खड्डों से दूर रखने का आह्वान किया है।  उपायुक्त ने कहा कि सतलुज नदी में गाद की अधिक मात्रा होने से नाथपा झाकड़ी के बांध से पानी छोड़ा जा सकता है, जिसके फलस्वरूप सतलुज नदी का जलस्तर बढ़ सकता है। उन्होंने सतलुज नदी के किनारे रहने वाले लोगों से आग्रह किया है कि वे सतलुज नदी के किनारे जाने में एहतियात बरतें।

चेतावनी को न करें अनदेखा

उपायुक्त शिमला ने पर्यटकों से भी यह आग्रह किया है कि वे नदी, नालों व खड्डों के किनारे में जाकर फोटोग्राफी न करें और वहां लगे चेतावनी बोर्डों को अनदेखा न करें, क्योंकि थोड़ी सी लापरवाही बरतने से भी अप्रिय घटना घट सकती है।

आपात स्थिति में यहां करें संपर्क

उपायुक्त शिमला अमित कश्यप ने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में जिला प्रशासन द्वारा स्थापित जिला मुख्यालय स्थित आपातकालीन केंद्र 0177-2800880, 881, 882 व 883 पर संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसके अलावा टॉल फ्री नंबर 1077 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

नाथपा प्रोजेक्ट में सिल्ट, गेट खुले

सुन्नी – प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण सतलुज नदी के जलस्तर में भी बढ़ोतरी हो रही है। सतलुज नदी में इन दिनों सामान्य से अधिक पानी भर रहा है, जिसको देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने भी लोगों को नदी के किनारे न जाने की चेतावनी दे दी है। प्रशासन एवं पुलिस स्थिति पर नजर रख रहे हैं। तहसीलदार सुन्नी राजेश वर्मा ने बताया कि बारिश के कारण सबसे बड़ी जलविद्युत परियोजना नाथपा झाकड़ी में सिल्ट आने से परियोजना के गेट खोल दिए गए हैं, जिस कारण नदी का जल स्तर बढ़ गया है।

 

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