सिंघा बोले, सीएम करें गडकरी से बात

शिमला  —किसानों के हित में ट्रक यूनियनों की जायज मांगों का समर्थन करते हुए किसान सभा ने मुख्यमंत्री से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। इनमें मुख्यतः डीजल के दामों में कमी करना, पारदर्शक टोल एकत्रण व्यवस्था, टोल फीस में कमी, वाहन बीमा की दरों को कम करना, प्रत्यक्ष कर एवं राष्ट्रीय परमिट व्यवस्था को खत्म करते हुए डायरेक्ट पोर्ट डिलीवरी टैंडरिंग लागू किया जाना शामिल है। किसान सभा के राज्य सचिव सिंघा ने कहा कि किसान सभा ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से चल रही ट्रक यूनियनों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल ने प्रदेश के किसानों को सीधे तौर पर प्रभावित किया है। किसानों की जल्दी खराब होने वाली फसलों, सब्जियों, फूल एवं फल की मंडी तक पहुंच रुक गई है, जिससे किसानों को करोड़ों का नुकसान हो रहा है। किसान सभा ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया है कि वे व्यक्तिगत तौर पर इस बारे में केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी से बात करें और इस हड़ताल के प्रभाव से किसानों को बचाने का प्रयास करें। किसान सभा के राज्याध्यक्ष डा. कुलदीप सिंह तंवर ने कहा कि राज्य सरकार को इस हड़ताल को खत्म करवाने तथा ट्रक यूनियनों की जायज मांगों को मनवाने के लिए केंद्रीय सरकार पर दबाव बनाना चाहिए। डा. तंवर ने कहा कि तब तक फौरी तौर पर राहत देने के लिए वैकल्पिक यातायात व्यवस्था सरकारी निगरानी में करवाई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 70 प्रतिशत कामगार किसान हैं उनकी आजीविका सेब, सब्जियों, फलों एवं फूलों की खेती पर निर्भर है।उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को चाहिए कि वह इस समस्या के समाधान के लिए फौरी कदम उठाए।

 

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