सिर्फ 3 फीसदी डीए; न मेडिकल भत्ता, न ओवरटाइम का भुगतान

धर्मशाला— हिमाचल पथ परिवहन निगम की बीओडी में कर्मचारियों को तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता देने का जो फैसला लिया गया है, उसे परिवहन मजदूर संघ ने ऊंट के मुंह में जीरे के समान बताया है। परिवहन मजदूर संघ का कहना है कि निगम में चालकों-परिचालकों के ओवरटाइम के करोड़ों रुपए के भुगतान के बारे में बीओडी मीटिंग में कोई फैसला नहीं लिया गया। इसके साथ ही मेडिकल, आईआर समेत अन्य भत्तों का भुगतान भी आज तक नहीं हो पाया है। इस बारे में बैठक कुछ नहीं कहा गया। परिवहन मजदूर संघ के कानूनी सलाहकार जसमेर राणा, जनरल सेक्रेटरी राजकुमार व उपाध्यक्ष प्यार सिंह के अनुसार सरकार कहती है कि जेएनएनयूआरएम के तहत खरीदी गई 325 में से 60 बसों को चला दिया गया है, जबकि ये बसें पहले से ही चल रही हैं, जबकि अलावा सैकड़ों बसें अभी भी डिपुओं में सड़ रही हैं, जिन पर भी कोई चर्चा नहीं की गई। उन्होंने कहा कि पठानकोट रूट पर भी परिवहन निगम के अधिकारी मनमानी कर निजी बस आपरेटरों को लाभ पहुंचा रहे हैं। इसके अलावा सरकार कहती है 20 वर्ष पुराने चालकों को नया पदनाम दिया जाएगा, लेकिन चालकों को इसका क्या लाभ मिलेगा, इस बारे में कुछ नहीं कहा गया। वहीं, 15-7-2015 से पहले प्रोमोट हुए परिवहन कर्मियों को दो इन्क्रीमेंट आज तक नहीं दी गई हैं। इसके अतिरिक्त पंजाब की तर्ज पर सब-इंस्पेक्टर पद पर प्रोमोट हुए कर्मियों को भी आर्थिक लाभ  नहीं दिए गए हैं।

You might also like