सीएम ऑफिस में क्वालिटी चैक स्क्वायड

निर्माण कार्यों में गुणवत्ता लाने के लिए राज्य सरकार करेगी स्थापना

शिमला— राज्य सरकार प्रदेश में सड़कों, पुलों तथा अन्य सरकारी भवनों के निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए तीसरे पक्ष द्वारा निरीक्षण के लिए एक तंत्र सृजित कर मुख्यमंत्री कार्यालय में एक स्वतंत्र गुणवत्ता जांच दल स्थापित करेगी। मुख्यमंत्री ने बुधवार को जीएसटी के कार्यान्वयन तथा लोक निर्माण विभाग में कार्य संविधा (ठेकों) पर इसके प्रभाव को लेकर आयोजित बैठक की अध्यक्षता में यह बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार परियोजनाओं के पूरा होने में किसी प्रकार के विलंब व गुणवत्ता के साथ समझौते को लेकर कड़ा संज्ञान लेगी। सरकार दोषी ठेकेदारों तथा निर्माण एजेंसियां के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करेगी। सरकार एक योजना आरंभ करने के बारे में भी विचार कर रही है, जिसके अंतर्गत कार्यान्वयन एजेंसियों को तय समयावधि से पूर्व परियोजनाओं को पूरा करने के लिए प्रोत्साहन प्रदान करेगी। लोक निर्माण विभाग का बड़े पैमाने पर ऑटोमेशन किया जाएगा। गुणात्मक निर्माण सामग्री सुनिश्चित बनाने तथा ठेकेदारों को राहत प्रदान करने के लिए सरकार ने निर्णय लिया है कि सीमेंट को छोड़कर ठेकेदार स्वीकृत निर्माण सामग्री का बाजार से स्वयं प्रबंध करेंगे तथा ठेकेदारों द्वारा वांछित सामग्री को समझौता दरों के आधार पर अनुपातित बाजार दरों पर जारी किया जाएगा तथा भंडार से जारी सामग्री पर ठेकेदारों को किसी प्रकार का इनपुट टैक्स क्रेडिट नहीं दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों को दिए गए कार्यों से संबंधित निर्माण स्थलों पर ठेकेदार निर्माण कार्य से निकले मलबे का पुनः उपयोग करने के लिए क्रशर का उपयोग कर सकेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जीएसटी लागू होने के उपरांत ठेकेदारों से जुड़े विभिन्न मामलों के प्रति साहनुभूति रखती है।

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