सीधे निदेशालय न भेजें डिमांड

शिक्षा विभाग ने स्कूलों, उच्च अधिकारियों को जारी किए निर्देश, उपनिदेशकों को ही भेजना होगा बजट

शिमला— प्रदेश के सरकारी स्कूलों को अब बजट डिमांड पहले उपनिदेशक को भेजनी होगी। निदेशालय बजट डिमांड भेजने वाले सरकारी स्कूलों को बजट नहीं मिलेगा। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने इस बारे में स्कूल प्रबंधन ओर उपनिदेशकों को सख्त आदेश जारी कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि कई स्कूल प्रबंधन बेवजह सीधे तौर पर निदेशालय में बजट डिमांड भेज देते हैं। निदेशालय भेजी जाने वाली सीधे बजट डिमांड रिपोर्ट की जांच करने में भी मुश्किलें आती हैं। मजबूरन कई बार निदेशालय को जिला उपनिदेशकों को वेरिफकेशन के लिए बजट डिमांड की रिपोर्ट रिवर्ट करनी पड़ती है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने साफ किया है कि इस वजह से निदेशालय का समय भी बर्बाद होता है। बताया जा रहा है कि शिक्षा विभाग वेरिफिकेशन करने के बाद ही स्कूलों को बजट स्वीकृत करेंगे। प्रारंभिक शिक्षा विभाग के निदेशक ने स्कूलों, उपनिदेशकों, खंड प्रारंभिक शिक्षा अधिकारियों को स्कूलों की अंतिम बजट डिमांड देने के आदेश दिए हैं। विभाग ने उक्त अधिकारियों को जल्द से जल्द अतिरिक्त बजट डिमांड भेजने को कहा है, ताकि समय पर इसकी एलोकेशन की जा सके। वहीं जिला उपनिदेशक की स्वीकृति के बाद ही यह डिमांड निदेशालय को भेजी जा सकेगी।  उल्लेखनीय है कि राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षा ओर ढांचागत सुविधाओं पर खर्च होने वाले बजट की एक किस्त भारत सरकार की ओर से स्वीकृत हो चुकी है। सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के अनुसार लगभग दो करोड़ का बजट शिक्षा विभाग को भारत सरकार से स्वीकृत हो चुका है। जानकारी के अनुसार राज्य के कई सरकारी स्कूल विकास के नाम पर निदेशालय से मिले बजट को खर्च नहीं कर पाए हैं, ऐसे स्कूलों के खिलाफ भी शिक्षा विभाग कड़ी कार्रवाई अमल में लाएगा। उल्लेखनीय है कि इस बार सरकारी स्कूलों को मिलने वाले बजट पर शिक्षा विभाग की पैनी नजर रहेगी। पुराना बजट किन कार्यों पर खर्च हुआ व स्कूलों द्वारा जो बजट डिमांड भेजी गई है, क्या वह जायज है, इन सभी पहलुओं को जांचा जाएगा।

पेंडिंग बिल चुकता कर दें रिपोर्ट

शिक्षा विभाग ने सभी डीडीओ को सैलरी के ऑनलाइन बिल तैयार करने को कहा है। इसके साथ ही उक्त अधिकारियों को बिजली, पानी, स्टेशनरी और टेलिफोन के बिलों का भुगतान प्राथमिकता के आधार पर करने के निर्देश दिए हैं। विभाग ने उपनिदेशकों को विभाग को पुराने बिलों को चुकता करने के बाद रिपोर्ट भेजने के भी निर्देश दिए हैं।

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