हमीरपुर डाइट में अनियमितताएं

गौना-करौर स्थित संस्थान में तीन दिन तक जांच के बाद शिमला लौटी टीम

हमीरपुर— नादौन के गौना-करौर स्थित डाइट संस्थान में वित्तिय अनियमितताओं की जांच को शिमला से आई स्पेशल जांच टीम ने तीन दिन की जांच के बाद रिपोर्ट को पैक कर दिया है। सारी छानबीन और पूछताछ के बाद बुधवार को जांच टीम के सदस्य   शिमला  लौट गए। बताया जा रहा है कि  टीम के हाथ कई अहम सुराग लगे हैं। इसमें सामान की खरीद में पैसों को काफी हेरफेर हुआ है। सूत्रों का यहां तक कहना है कि मामला इतना संगीन है कि एफआईआर दर्ज करने तक की नौबत आ सकती है।जानकारी के अनुसार शिमला से सेकेंडरी शिक्षा के ज्वाइंट डायरेक्टर सुशील पुंडीर के नेतृत्व में टीम  9 जुलाई को डाइट में वित्तिय अनियमितताओं की जांच के लिए आई थी।  टीम ने जो साक्ष्य जुटाए हैं, उसमें एसएसए और आरएसए में कई तरह की गड़बडि़यां होने की बात कही जा रही है। पिछले कुछ सालों में यहां जो सामान आदि की खरीद होती रही है, उसमें भारी अनियमितताएं सामने आई हैं। बताते हैं कि सब इसलिए खामोश थे, क्योंकि हर कोई एक-दूसरे के लूप होल जानता था। अब जब परतें खुलने की नौबत आने लगी हैं तो खुद को फंसता देख हर कोई दूसरे के बारे में मुंह खोलने के लिए तैयार हो रहा है। हालांकि मामले से पर्दा हटने में अभी  वक्त लगेगा, लेकिन इतना तय है कि डाइट हमीरपुर में बड़े स्केल पर वित्तिय अनियमिताएं हुई हैं। बता दें कि डाइट हमीरपुर चार माह पहले उस उक्त सुर्खियों में आना शुरू हुआ था, जब डाइट के प्रिंसिपल जगदीश कौशल का शिमला तबादला हुआ था, लेकिन उन्होंने ट्रिब्यूनल में जाकर स्टे ले लिया था। उसके बाद यहां शिमला से आए प्रिंसीपल राजेंद्र पाल शर्मा  भी हाई कोर्ट की शरण में चले गए थे। मामला ट्रिब्यूनल में चला गया है, इसलिए  सरकार भी कुछ एक्शन लेने में लाचार नजर आ रही है। चार महीने से एक पोस्ट पर दो प्रिंसीपल काम कर रहे हैं।

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