हिमाचल में खूनी मानसून

सिर्फ जुलाई में ही 88 मौतें, 243 करोड़ की चपत

 शिमला— जुलाई की बेरहम बारिश ने राज्य में 88 लोगों को मौत की नींद सुला दिया है। भारी बारिश में राज्य में एक माह के दौरान ही सरकार को 243 करोड़ की चपत लग चुकी है, जबकि अभी भी प्रदेश में बारिश का कहर जारी है। अगस्त माह के दौरान भी बारिश के कहर जारी रहने की संभावना जताई जा रही है। सरकारी आकलन के तहत जुलाई माह में अब तक मानसून की बेरहम बारिश प्रदेश में 88 लोगों को मौत की नींद सुला चुकी है। बरसात में सबसे अधिक मौतें मंडी में हुई है। मंडी में अभी तक 16 लोग मौत के आगोश में जा चुके है। शिमला में 12 और ऊना में 11 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा बारिश से 45 मवेशियों की भी मौत हुई है। प्रदेश में मूसलाधार बारिश से 24 मकान जमींदोज हुए है, जबकि 96 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। जिलों की बात करें तो बारिश से अभी तक सबसे अधिक नुकसान कांगड़ा में हुआ है। कांगड़ा के बाद जिला शिमला दूसरे स्थान पर है। मानसून की राज्य में बौछारें अभी तक 243 करोड़ की संपत्ति को चपत लगा चुकी है।

कांगड़ा में सबसे ज्यादा 12 मकान जमींदोज :कांगड़ा में भारी बारिश से सर्वाधिक 12 म कान जमींदोज हुए है। जिला शिमला, कुल्लू और चंबा में 3.3 सिरमौर, मंडी, हमीरपुर में एक-एक घर गिरा है। इसके अलावा चंबा में सबसे अधिक 19 मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है। सिरमौर में 17, कांगड़ा में 17, शिमला में दस, मंडी में 13, किन्नौर में तीन, ऊना में नौ और सोलन में चार मकानों को भारी बारिश से आंशिक नुकसान हुआ है।

किस जिला में कितनी मौतें

मंडी       16

शिमला    12

ऊना       11

चंबा       10

हमीरपुर   09

कांगड़ा    09

किन्नौर    05

कुल्लू      05

सिरमौर    05

बिलासपुर 04

लाहुल     01

सोलन     01

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