55 लाख का बिल देख कांपा दिल

बिजली बोर्ड ने ऊना के दौलतपुर चौक में भी उपभोक्ता को दिया जोर का झटका

दौलतपुरचौक — आए दिन बिजली बोर्ड उपभोक्ताओं को लाखों का बिल थमा कर परेशान कर रहा है। आलम यह है कि विभाग बिल जारी करने से पहले इसे चेक नहीं करता कि आखिर एक घर या दुकान का बिल लाखों रुपए में कैसे हो सकता है। अगर महकमा चेक रखे तो उपभोक्ताओं को परेशान नहीं होना पड़ेगा। ऐसा ही एक मामला जिला ऊना में  सामने आया है। नगर पंचायत दौलतपुर चौक के बाजार में एक छोटी सी बैग हाउस की दुकान चलाने वाले मनोहर लाल को विद्युत बोर्ड ने लाखों का बिल भेजा है। गुरुवार सुबह अपने मोबाइल पर बिजली बोर्ड का एसएमएस देखकर उसके होश उड़ गए। इससे पहले भी विद्युत बोर्ड की इस तरह की कोताही उजागर हो चुकी है, लेकिन विद्युत बोर्ड की ओर से कोई भी उचित कदम नहीं उठाए जा रहे हैं।  उक्त दुकानदार मनोहर लाल ने बताया कि हर माह उसकी दुकान का बिल दो से तीन सौ रुपए आता था, लेकिन इस बार जब उसे मैसेज आया तो उसमें बिजली के बिल की राशि पचपन लाख आठ हजार दो सौ सात (5508207) रुपए दर्शाई गई थी। उन्होंने बताया कि विद्युत उपमंडल दौलतपुर चौक द्वारा एक निजी कंपनी के माध्यम से जारी किए गए इस बिल को जमा करवाने के लिए भी मात्र एक दिन का समय 27 जुलाई दी गई थी, जिससे उसे काफी मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ा। उधर, ज्वेलरी की दुकान चलाने वाले तिलक राज ने बताया कि उसे मोबाइल पर बिजली बिल के तीन संदेश आए और तीनों में बिल की राशि अलग अलग थी। उधर, व्यापार मंडल के चेयरमैन राजीव राजू ने बिजली विभाग से आग्रह किया है कि दुकानदारों और अन्य उपभोक्ताओं को सही बिल भेजा जाए। यदि कोई त्रुटि होती भी है तो बोर्ड कर्मचारियों को यहां आकर गलती सुधारनी चाहिए। उधर, विद्युत विभाग के एसडीओ अशोक परमार ने बताया कि उपभोक्ताओं की सुविधा के दृष्टिगत मोबाइल पर संदेश के माध्यम से बिजली बिल भेजे हैं। तकनीकी खामी की वजह से कुछ लोगों को गलत राशि के बिल गए हैं, जिन्हें उपभोक्ता की शिकायत मिलने पर ठीक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि जिन्हें कोई गलत राशि का बिल मिलता है है वे विद्युत बोर्ड कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं।

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