एनएच पर दरकी पहाड़ी, डेढ़ घंटा जाम

स्वारघाट—शनिवार देर रात से रविवार सुबह 11 बजे तक हुई लगातार भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।  रविवार सुबह करीब आठ बजे राष्ट्रीय उच्च मार्ग 205 चंडीगढ़-मनाली पर छड़ोल नामक स्थान पर पहाड़ी दरकने से मलबा और पत्थर सड़क पर गिर गए। इस हादसे में किसी प्रकार का जानमाल का नुकसान नहीं हुआ है, लेकिन सड़क बंद होने से दोनों तरफ जाम लग गया और करीब डेढ़ घंटे तक दर्जनों वाहन, लोकल व लांग रूट की एचआरटीसी बसें और पर्यटक वाहन जाम में फंसे रहे। हालांकि बारिश के बीच लोक निर्माण विभाग ने जेसीबी और लेबर के माध्यम करीब दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद जेसीबी व लेबर के माध्यम से मार्ग को बहाल कर दिया था। इसके अतिरिक्त एनएच पर ही गंभरपुल स्थान पर भी मलबा व पत्थर सड़क पर आ गए थे, लेकिन यहां एक तरफा वाहन क्रॉस होते रहे। बाद में छड़ोल में मार्ग बहाल करने के बाद गंभरपुल स्थान से भी जेसीबी मशीन और लेबर की मदद से मलबे और पत्थरों को हटाकर मार्ग को पूर्ण रूप से बहाल कर दिया गया। कैंचीमोड़-नयनादेवी मार्ग पर भी धरा स्थान के समीप पहाड़ी दरकने से मलबा व पत्थर सड़क पर आ गए, जिससे सड़क पूर्ण रूप से बंद हो गई। सड़क बंद होने के कारण पहले नवरात्र में माता के दर्शनों के लिए आने वाले श्रदालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा और उन्हें वाया टोबा होकर माता के दर्शनों के लिए नयनादेवी पहुंचना पड़ा। इसके अतिरिक्त कैंचीमोड़-बैहल वाया लखाला मार्ग पर भी लखाला स्थान पर सड़क मलबा व पत्थर गिरने से मार्ग बंद रहा, तो वहीं नयनादेवी से नंगल वाया भाखड़ा संपर्क सड़क पर भी जगह-जगह पत्थर व मलबा गिरा हुआ था। काथला-तियुन-बेपड़ मार्ग पर भी शुरुआती कैंची के पास सड़क पर मलबा और पत्थर गिर गए थे, जिससे मार्ग बंद होने की खबर है। जकातखाना-बनेर संपर्क सड़क पर भी नटनीघाड़ के समीप भू-स्खलन के चलते मार्ग पर कीचड़ ही कीचड़ हो गया है और मार्ग बंद बताया जा रहा है।

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