कहीं गड़बड़ है, तो करवाओ जांच

फिल्लू राम मामले में कोर्ट ने लिया संज्ञान, एसडीएम हमीरपुर को कंपीटेंट अथॉरिटी से करेक्शन करवाने के दिए आदेश

हमीरपुर— दडूही में 100 कनाल शामलात भूमि में घोटाला उजागर करने वाले फिल्लू राम के मामले में माननीय उच्च न्यायालय ने संज्ञान लिया है। गुरुवार को इस बारे में लिखित आदेश एसडीएम के पास पहुंचे हैं। कोर्ट की ओर से जारी आदेशों में कहा गया है कि अगर कहीं गड़बड़ हुई है, तो इस मामले में कंपीटेंट अथॉरिटी से करेक्शन करवाई जाए। एसडीएम हमीरपुर शिल्पी बेक्टा ने पुष्टि करते हुए बताया कि इस बारे में हाई कोर्ट की ओर से उनके पास लिखित आदेश पहुंचे हैं। बता दें कि फिल्लू राम ने इस मामले को लेकर माननीय उच्च न्यायलय में पीआईएल की थी। कोर्ट ने इस पर संज्ञान लेते हुए हमीरपुर प्रशासन को कंपीटेंट अथॉरिटी से करेक्शन करवाने के आदेश दिए हैं। विकासनगर के फिल्लू राम काफी समय से इस मामले में कार्रवाई करने की गुहार प्रशासन से लगा रहे हैं। उन्होंने इसमें राजस्व और बंदोबस्त अधिकारियों पर भी मिलीभगत के आरोप लगाए हैं। वह बुधवार से 75 घंटे की भूख हड़ताल हैं। गुरुवार शाम को उन्हें हड़ताल पर बैठे हुए दो दिन, एक-एक रात हो गई थी। बता दें कि इसी मामले को लेकर जुलाई में भी फिल्लू राम 24 घंटे की भूख हड़ताल पर बैठे थे। उस वक्त उन्होंने प्रशासन को एक माह का समय दिया था कि अगर एक माह में कोई कार्रवाई न हुई तो वह दोबारा भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे। उन्होंने आरोप लगाए हैं कि इस जमीनी घोटाले में करीब सौ कनाल सरकारी जमीन राजस्व और बंदोबस्त अधिकारियों की मिलीभगत से मिलकीयत में बदल कर रसूखदार को बेच दी गई थी। उन्होंने कहा कि यह करीब 15 करोड़ का घोटाला है। उन्होंने आरोप  लगाया है कि 2006-07 में हुए बंदोबस्त की नवीन अक्श मुसाबी के खसरा नंबर इस्तेमाल साल 1965-66 से कहीं नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे साफ जाहिर हो रहा है कि पुराने भू-रिकार्ड को नष्ट कर दिया गया है।

स्वास्थ्य, सुरक्षा पर प्रशासन की नजर

भूख हड़ताल पर बैठे बुजुर्ग फिल्लू राम के स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर प्रशासन गंभीर नजर आ रहा है। गुरुवार को एसडीएम ने एसएचओ सदर को निर्देश दिए कि रात के समय फिल्लू राम की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए। इसके साथ ही सीएमओ हमीरपुर को कहा गया है कि फिल्लू राम की सेहत पर पूरी निगरानी रखी जाए।

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